लोग होलिका में वाहनों के पुराने टायर, पालीथिन व कूड़ा जलाने लगे हैं जिसका धुआं स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे जहरीली गैस फैलती है। हम सबका दायित्व है कि, प्लास्टिक के बने सामान होलिका में न जलाएं, इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है। होलिका में उपले, सूखी लकड़ियों का उपयोग बेहतर हो सकता है। होली से एक दिन पूर्व होलिका दहन होता है जिसमें अब लोग प्लास्टिक जलाने लगे हैं।