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किसान की मौत होने पर भी उसके वारिस को मिलेगा कर्ज माफी का लाभ

फसल ऋण माफी योजना: पलायन पर गए किसानों को बुलवाकर फॉर्म भरवाए जाएंगे

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किसान की मौत होने पर भी उसके वारिस को मिलेगा कर्ज माफी का लाभ

झाबुआ. यदि किसी किसान ने कर्ज ले रखा है और उसकी मृत्यु हो गई है तो उसके वारिस को फसल ऋण माफी योजना का लाभ मिलेगा। पलायन कर गए किसानों को पंचायत सचिवों के माध्यम से बुलवाकर फॉर्म भरवाए जाएंगे। ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रह जाए। जिन किसानों के बैंक खाते अब तक आधार से लिंक नहीं हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द कराया जाएगा। जय किसान फसल ऋण माफी योजना की समीक्षा बैठक के दौरान ये बातें सामने आई। बैठक की अध्यक्षता सांसद कांतिलाल भूरिया ने की।

इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने योजना का लाभ किस तरह से किसानों को दिया जाएगा और उन्हें क्या-क्या खानापूर्ति करनी होगी इस तरह के तमाम सारे सवाल किए। इनके जवाब कलेक्टर प्रबल सिपाहा के साथ उप संचालक कृषि जीएस त्रिवेदी ने दिए। सबसे अहम बिंदु पलायन पर गए किसानों से जुड़ा रहा। इसके लिए कलेक्टर ने बतायाकि पंचायत सचिवों के माध्यम से किसानों को सूचना भेजी जाएगी। ताकि वे यहां आकर अपना आवेदन फॉर्म भर सके। उप संचालक कृषि जीएस त्रिवेदी ने पॉवर पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरी योजना का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया जिले के करीब 92 हजार से अधिक किसानों के 838 करोड़ से अधिक का कर्ज माफ होना है।
कांग्रेस सरकार के गुणगान करने लगे सांसद-
बैठक के दौरान सांसद कांतिलाल भूरिया केंद्र की यूपीए सरकार के साथ प्रदेश की कांग्रेस सरकार की तारीफ करने लगे। उन्होंने कहा जब केंद्र में हमारी सरकार थी तब 72 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया गया था। अब प्रदेश में सरकार बनी तो हम फिर से किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ कर रहे हैं। सांसद भूरिया ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए हाट बाजारों में मुनादी करवाने और पंचायतों में योजना से जुड़े परचें बंटवाने को कहा। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सूचना पहुंच सके। भूरिया ने सरपंच की बजाय विभाग के किसी कर्मचारी के माध्यम से योजना के आवेदन फॉर्म भरवाने की बात भी कही।
किसान के नाम पर फर्जी ऋण निकालने वालों पर होगी कार्रवाई : सांसद भूरिया ने कहा-मेरी जानकारी में आया है कि कुछ बैंककर्मियों ने सांठगांठ कर किसान के नाम पर फर्जी ऋण निकाल लिया और इसकी जानकारी संबंधित किसान को नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

92 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
बैंक किसान
बैंक ऑफ बड़ौदा 6522
नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक 3701
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 5300
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 1200
बैंक ऑफइंडिया 3250
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक 72079
योग 92052

इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ-
ठ्ठ सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नपाध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम अध्यक्ष, महापौर, मंडी अध्यक्ष, सहकारी बैंक अध्यक्ष, केंद्र व राज्य सरकार के गठित निगम, मंडल अथवा बोर्डके अध्यक्ष व उपाध्यक्ष।
ठ्ठ समस्त आयकर दाता, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी तथा इनके निगम मंडल अर्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को छोडक़र।)
ठ्ठ 15 हजार रुपए हर महीने या उससे अधिक पेंशन पाने वाले (भूतपूर्व सैनिक को छोडक़र)।
ठ्ठ 12 दिसंबर 2018 या उससे पूर्व जीएसटी में पंजीकृत व्यक्ति, फर्म, फर्म के संचालक, फर्म के भागीदार।