
विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद जिले में बदली राजनीतिक तस्वीर
आलीराजपुर. विधानसभा चुनाव के परिणाम की घोषणा के बाद जहां एक ओर आलीराजपुर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी नागरसिंह चौहान को आलीराजपुर की जनता ने अपना आशीर्वाद देकर विधायक बनाया है। वहीं आलीराजपुर नगर पालिका अध्यक्ष व जोबट कांग्रेस प्रत्याशी सेना पटेल को जोबट की जनता ने भारी मतों से विजय बनाकर जोबट क्षेत्र का जनप्रतिनिधि बनने का मौका दे दिया है। आलीराजपुर में निवर्तमान विधायक मुकेश पटेल ने पूरे दमखम से चुनाव लड़ा। वहीं जोबट विधानसभा में मतदाताओं के भरोसे भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत 42 हजार से अधिक मत प्राप्त करने में सफल हुए। आलीराजपुर और जोबट विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के हारे हुए प्रत्याशी अभी युवा हैं और भविष्य में उनके द्वारा राजनीतिक पकड़ बरकरार रखने की संभावना है ,लेकिन इन सबके बीच जोबट विधानसभा से दो बार भाजपा से विधायक चुने गए वन विकास निगम के अध्यक्ष माधोसिंह डावर के बागी होकर चुनाव लडऩे के बाद पार्टी द्वारा उन्हें निष्कासित कर दिया गया था। इसी प्रकार आलीराजपुर जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष वकीलसिंह ठकराला ने भी बगावती रूप दिखाकर अपने छोटे भाई सुरेन्द्र ठकराला को निर्दलीय चुनाव लड़ाया था, जिसके चलते पार्टी द्वारा उन्हें भी निष्कासित कर दिया था। अब देखना होगा कि इनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा। वैसे राजनीतिक विश्लेषक इस बात को मान कर चल रहे हैं कि जिस प्रकार की गलती दोनों नेताओं द्वारा की गई है उसके चलते इनकी राजनीतिक पारिया समाप्त हो गई है फिर भी भविष्य में क्या होगा, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। वहीं जोबट विधानसभा में कांग्रेस से बागी होकर लड़े सुरपाल अजनार भी विधानसभा चुनाव में कुछ खास नहीं कर पाए, जिसके चलते उनके वोटों की संख्या 5 अंकों तक भी नहीं पहुंच पाई। ऐसे में जोबट क्षेत्र में अजनार का राजनीतिक वर्चस्व भी पार्टी के सामने आ गया।
जमानत नहीं बचा पाए भाजपा-कांग्रेस के बागी
भाजपा और कांग्रेस से बगावत कर चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने अपनी जीत के बड़े दावे किए थे, लेकिन जिले की जनता ने उन्हें नकार दिया और वे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वकीलसिंह ठकराला के भाई सुरेन्द्र ठकराला ने भाजपा से बागी होकर सोंडवा क्षेत्र के नाम से जमकर प्रचार प्रसार कर भाजपा के समीकरण को बिगाडऩे का प्रयास किया। वहीं जोबट के पूर्व विधायक माधोसिंह डावर भी भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन भाजपा के दोनों बागी उम्मीदवार डावर और ठकराला भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। वहीं जोबट से कांग्रेस के पूर्व जिला महासचिव सुरपाल अजनार जो कांग्रेस से बागी होकर चुनाड़ लडे थे, लेकिन वे भी अपनी जमानत बचाने में कामयाब नहीं हो पाए। आलीराजपुर और जोबट विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस से बागी होकर लड़े उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम घोषित हो जाने के बाद जहां राजनीतिक भविष्य की चिंता है । वहीं जन चर्चा चल रही है कि क्या भाजपा में आलीराजपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष वकीलसिंह ठकराला और जोबट के पूर्व विधायक माधोसिंह डावर की वापसी होगी। साथ ही उन सैंकड़ो कार्यकर्ताओं का क्या होगा, जिन्होंने अपने नेताओ का साथ दिया। इसी प्रकार जोबट में सुरपाल अजनार का राजनीतिक भविष्य भी वर्तमान में तो नजर नहीं आता है, लेकिन जोबट से हारे भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत को राजनीतिक जमीन बनाने का मौका मिलेगा।
नागरसिंह मिले शिवराजसिंह चौहान से
चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद आलीराजपुर विधानसभा से विधायक बनने के बाद भाजपा विधायक नागरसिंह चौहान द्वारा रविवार शाम को आलीराजपुर नगर में विजय जुलूस निकाला गया। जुलूस के बाद चौहान ने आलीराजपुर के समस्त मतदाताओं का आभार जताया। सोमवार को सुबह विधायक नागरसिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष मकू परवाल और प्रदेश कार्य समिति सदस्य किशोर शाह मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मिलने भोपाल पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लडडू खिलाकर नागरसिंह चौहान को जीत की बधाई दी। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा से भी मिले। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने विधायक चौहान को गले लगाकर उन्हें जीत की बधाई दी।
Published on:
5 Dec 2023, 12:36 AM IST
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