
झालावाड़. प्रदेशभर में इन दिनों सड़क सुरक्षा माह के तहत लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके लोगों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। जिले में सड़क हादसों में हर साल सैंकड़ों लोग जान गंवा रहे। इसके पीछे प्रमुख कारण तेज स्पीड व शराब पीकर वाहन चलाना प्रमुख वजह है।
जिले में साल 2024 में में लगभग 450 से दुर्घटनाएं हुई। हादसों में 206 लोगों की जान गई। बड़ी बात ये है कि जिले में इतनी ज्यादा संख्या में दुर्घटनाएं घटित हो गई। सड़क दुर्घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी और मौत के आंकड़े बहुत ही सतर्क और सावधानी से वाहन चलाने की तरफ इशारा कर रहो हैं। सालभर में सड़क हादसे में गत वर्ष से 29 मौतें ज्यादा हुई है। ऐसे में लोगों को हेलमेट लगाना की बाइक चलाना चाहिए। चिंता की बात ये भी है ये वो आंकड़े है जो पुलिस थानों व आइरेड के तहत दर्ज है। इसके अलावा भी ऐसे कई है जो अस्पतला पहुंचते ही नहीं है, मौके पर ही मौत होने से परिजन सीधे घर ले जाते हैं, ऐसे में ये वास्तविक आंकड़ा नहीं है।
- पुलिस के अनुसार ज्यादातर सड़क हादसों में ओवर स्पीड, नशा, गलत तरीके से ओवरटेक जैसी लापरवाही सामने आई है। ज्यादातर हादसे अलसुबह व दिन डूबने के बाद हुए। कई जगह सड़कों का चौड़ीकरण हो गया है व अच्छी सड़कें बनने से भी युवा हवा से बातें करते हुए तेज स्पीड में वाहन दौडऩे से हादसे हो रहे हैं।
साल 2024 के अंतिम महीने दिसंबर में भी दुर्घटनाओं का दौर चला। 9 दिसंबर को रायपुर रोड पर नाहरड़ी के यहां एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं 6 दिसंबर को बकानी थाना क्षेत्र में बेटी व पुत्री की मौत हो गई।
- यातायात पुलिस व पीडब्ल्यूडी को दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाएं कर घटना का पता लगाएं।
- दुर्घटना क्षेत्रों में सफेद पट्टी से मार्किंग की जाएं। -जिले में घोषित ट्रोमा सेंटरों का निर्माण जल्द करवाया जाएं।
- ब्लैक स्पॉट को खत्म करें।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर एक नजर
दुर्घटनाओं की संख्या- 407
मृतकों की संख्या- 156
घायलों की संख्या-542
दुर्घटनाओं की संख्या- 472
मृतकों की संख्या- 178
घायलों की संख्या- 555
दुर्घटनाओं की संख्या- 449
मृतकों की संख्या- 177
घायलों की संख्या- 509
दुर्घटनाओं की संख्या- 467
मृतकों की संख्या- 206
घायलों की संख्या- 567
ऐसा रहा साल का अंतिम माह
मृतक- 21
घायल- 30
कुल एक्सीडेंट 33
इन हादसों ने झकझोर दिया
- 7 सितंबर 2024 को रटलाई के चार श्रद्धालुओं की मौत
- 21 अप्रेल 2024 को बारात से लौट रहे अकलेरा के 9 युवाओं की मौत
- 9 नवंबर 2024 को तीनधार पर दो युवाओं की मौत
हाईरेड एप्लीकेशन द्वारा हादसो का विश्लेषण किया जा रहा है। युवाओं को हेलमेट बोझ नहीं समझना चाहिए। ये सुरक्षा के लिए होता है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। जिले में जो सड़क हादसे हो रहे हैं उनमें तेज स्पीड व शराब पीकर वाहन चलाना भी एक वजह है।
Published on:
12 Jan 2025 09:15 pm
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