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Jhalawar top news : वर्षों से बसे ग्रामीणों को अतिक्रमण माना, नोटिस थमाए तो बिफर पड़े

सीमांकन करवा कर जो भी सरकारी जमीन पर मकान बने हुए थे सभी को अतिक्रमण हटाने के लिए 2 दिन का नोटिस दिया गया।

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प्रशासन की कार्यवाही व दिव्यांग व्यक्ति का मकान नहीं बनने देने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। सैकड़ों की ग्रामीण बुधवार को उपखंड कार्यालय पहुंचे तथा संबंधित दिव्यांग का मकान बनवाने व सरकारी जमीन पर जिन लोगों के मकान बने हैं उन्हें आबादी में कन्वर्ट कर रजिस्टर्ड पट्टा वितरण करने व पटवारी को हटाने को लेकर ज्ञापन सौंपा।

चौमहला क्षेत्र के रोझाना गांव में सरकारी जमीन पर बन रहे मकान के निर्माण कार्य को प्रशासन द्वारा रुकवाने के मामले में ग्रामीणों ने बुधवार को जिला कलक्टर व मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में बताया कि रोझाना निवासी दिव्यांग भैरूलाल पुत्र पूरा लाल लोहार गांव के समीप सरकारी जमीन पर मकान बना रहा था। इसकी जानकारी पटवारी व तहसीलदार को लगी तो उन्होंने मौके पर जाकर कार्य रुकवाया, फिर भी कार्य जारी रहा। जिस पर मंगलवार को तहसीलदार पटवारी, कानूनगो, पुलिस जाप्ते सहित मौके पर पहुंचे और वहां सीमांकन करवा कर जो भी सरकारी जमीन पर मकान बने हुए थे सभी को अतिक्रमण हटाने के लिए 2 दिन का नोटिस दिया गया। प्रशासन की कार्यवाही व दिव्यांग व्यक्ति का मकान नहीं बनने देने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। सैकड़ों की ग्रामीण बुधवार को उपखंड कार्यालय पहुंचे तथा संबंधित दिव्यांग का मकान बनवाने व सरकारी जमीन पर जिन लोगों के मकान बने हैं उन्हें आबादी में कन्वर्ट कर रजिस्टर्ड पट्टा वितरण करने व पटवारी को हटाने को लेकर ज्ञापन सौंपा।

चरागाह भूमि पर सैकड़ों मकान

इस दौरान लक्ष्मण सिंह लुनाखेड़ा ने बताया कि क्षेत्र के लगभग सभी गांव में सरकारी व चरागाह जमीन पर मकान बने हुए हैं। ऐसे सभी मकानों को आवासीय बनाकर उन्हें पट्टे दिए जाने चाहिए। लगातार आबादी बढ़ रही है और सरकार ने मकान बनाने के लिए अलग से कोई आबादी कॉलोनी नहीं बनाई जिससे किसान व गरीब लोग बहुत परेशान है।

- रोझाना गांव में सरकारी जमीन पर मकान का कार्य चल रहा था इसकी सूचना मिली वहां जाकर कार्य रुकवाया। फिर भी कार्य नहीं रोका गया तो राजस्व की टीम के साथ सीमांकन करवा कर जिनके भी मकान सरकारी जमीन पर बने हुए थे उनको 2 दिन का समय देकर अतिक्रमण हटवाने के लिए पाबंद किया गया है।

जतिन दिनकर, तहसीलदार गंगधार