
(पत्रिका फाइल फोटो)
Jhalawar School Tragedy: झालावाड़ के मनोहरथाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव में एक स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की दुखद मृत्यु और 28 बच्चों के घायल होने की घटना के बाद तनाव बढ़ गया है। इस हादसे के विरोध में नरेश मीणा और उनके समर्थकों ने शुक्रवार को SRG मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ में धरना-प्रदर्शन किया। जिसके चलते अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं बाधित हुईं।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और कंट्रोलर संजय पोरवाल तथा अस्पताल अधीक्षक अशोक शर्मा ने नरेश मीणा और उनके सहयोगी प्रदीप उर्फ गोलू के खिलाफ कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें, 25 जुलाई 2025 की शाम करीब 5 बजे नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग के सामने वाहनों के साथ पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। इस प्रदर्शन से आपातकालीन वार्ड में मरीजों की आवाजाही, एम्बुलेंस सेवाएं और अन्य चिकित्सा सुविधाएं बाधित हो गईं। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल परिसर में तनाव बढ़ गया।
अस्पताल स्टाफ और चिकित्सकों ने नरेश मीणा से शांति बनाए रखने और साइलेंस जोन का सम्मान करने का अनुरोध किया, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई।
शिकायत के अनुसार, नरेश मीणा और उनके समर्थकों ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा गार्डों के साथ धक्कामुक्की, गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार भी किया। मौके पर मौजूद पुलिस चौकी इंचार्ज भीम सिंह और पुलिस जाप्ते ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ भी अभद्रता की और और लोगों को बुलाकर हंगामा बढ़ाया। इससे आपातकालीन वार्ड में मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ और चिकित्सा सेवाएं ठप हो गईं।
इस मामले में जांच अधिकारी डिप्टी एसपी हर्षराज सिंह खरेड़ा ने नरेश मीणा और उनके सहयोगी प्रदीप उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। प्रदीप उर्फ गोलू एक हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में नवंबर 2024 में उसे आर्म्स एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
नरेश मीणा को पहले शांति भंग के आरोप में हिरासत में लिया गया था और उन्हें 26 जुलाई को जमानत मिल गई थी। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की शिकायत के आधार पर झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने उन्हें दोबारा हिरासत में लिया। FIR में नरेश मीणा और उनके समर्थकों पर आपातकालीन सेवाओं में बाधा डालने, स्टाफ के साथ मारपीट, गाली-गलौच और साइलेंस जोन को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने अपनी शिकायत में कहा कि इस हंगामे से न केवल चिकित्सा सेवाएं बाधित हुईं, बल्कि गंभीर मरीजों को इलाज में कठिनाई हुई। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और संभवतः नरेश मीणा को फिर से जेल भेजा जा सकता है।
Updated on:
27 Jul 2025 12:31 pm
Published on:
27 Jul 2025 12:28 pm
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