
झालावाड़.जिलेवासियों के लिए राहतभरी खबर है। जिले के पांच चिकित्सा संस्थानों में अब डॉक्टरों की कमी जल्द दूर होने वाली है। यहां 26 विशेषज्ञ व 2 परम विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। अब मेडिकल कॉलेज में लगातार बढ़ रहा मरीजों का दबाव कम होगा। ऐसे में मरीजों को ग्रामीण क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकेंगी। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद वर्षो से खाली चल रहे थे। अब सैटेलाईट चिकित्सालय व उपजिला चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त चलने के कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता था, इससे उन्हे आर्थिक भार का सामना करना पड़ रहा था। इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह को अवगत कराया गया। राजे के दिए गए निर्देशानुसार जिले को विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकतानुसार तीन केटेगरी में बांटकर रिपोर्ट बनाकर जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने रिक्त पदों को भरने के लिए चिकित्सा निदेशक जयपुर को पत्र भेजा। इसके बाद बुधवार देर रात को ही डॉक्टरों की नियुक्ति आदेश जारी किया गया।
मेडिकल कॉलेज को मिला रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट-
चिकित्सा निदेशालय द्वारा दिए गए परम विशेषज्ञ डॉक्टरों में दो डॉक्टर मेडिकल कॉलेज को मिले। जिसमें कॉर्डियोलॉजिस्ट,रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्टगायनोलॉजिस्ट मिले है। अब इन दिनों विभागें में मरीजों को बेहतर सेवाएं मुहैया हो पाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मिले 26 डॉक्टर-
जिला चिकित्सालय झालरापाटन में सोनोलोजिस्ट, बॉयोकेमेस्ट्री, माइक्रोबॉयोलोजी, ऑथमोलॉजिस्ट, साइकेट्रीक, उप जिला चिकित्सालय पिड़ावा में सोनोलोजिस्ट,पीडि्रयाटि्रक्स, ईएनटी, गायनोलॉजिस्ट, उप जिला चिकित्सालय भवानीमंडी में सोनोलॉजिस्ट, मेडिसीन, पीडि्रयाटि्रक्स, पैथोलॉजिस्ट, सैटेलाइट चिकित्सालय सुनेल में सोनोलॉजिस्ट,मेडिसीन,माइक्रोबॉयोलोजिस्ट,उप जिला चिकित्सालय डग में सोनोलॉजिस्ट, ऑथोZपेडिक, ईएनटी,पैथोलॉजिस्ट,सीएचसी चौमहला में गायनोलॉजिस्ट व मेडिसीन, सीएचसी मनोहर थाना व असनावर में पीडि्रयाटि्रक्स तथा टीबीसीझालावाड़ में मेडिसीन डॉक्टर की नियुक्ति की गई है।
सोनोग्राफी की मिलेगी सुविधाएं-
जिले के 5 चिकित्सा संस्थानों पर सोनोलोजिस्ट चिकित्सक मिले है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में प्रति दिवस सोनोग्राफी की सुविधा मिल सकेगी और उसी दिन रोगियों की रिपोर्ट दी जा सकेगी। वहीं अन्य क्षेत्रों के डॉक्टर भी लगाए गए है, इससे मेडिकल कॉलेज का भार कम होगा।
डॉ. साजिद खान, सीएमएचओ, झालावाड़।
Updated on:
29 Jan 2026, 8:16 PM IST
Published on:
29 Jan 2026, 8:16 PM IST
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