6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अस्पताल में केल्शियम की गोलियां नहीं, मरीज परेशान

-बाजार से खरीदना बना मजबूरी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

झालावाड़

•

image

Jitendra Jaikey

•

Updated: 21 Oct 2019, 4:21 PM IST

No calcium tablets in hospital, patient upset

अस्पताल में केल्शियम की गोलियां नहीं, मरीज परेशान

अस्पताल में केल्शियम की गोलियां नहीं, मरीज परेशान
-बाजार से खरीदना बना मजबूरी
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. राजकीय एसआरजी चिकित्सालय व राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में संचालित निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर इन दिनो केल्शियम व आयरन की गोलियां नही मिलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उन्हे बाजार से महंगें दाम पर गोलियां खरीदनी पड़ रही है। राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में स्थित निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर तो इसके बदले बच्चों के लिए उपलब्ध केल्शियम की सीरप दी जाती है व इन दिनो तो 15 दिन की जगह दो दिन की गोलियां देकर काम चलाया जा रहा है। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी महिला चिकित्सालय में आने वाली प्रसूताओं को हो रही है क्योकि उन्हे गर्भावस्था के दौरान केल्शियम व आयरन की सख्त आवश्यकता होती है। यहां तो इन गोलियों का स्टाक खत्म हुए करीब एक माह से ज्यादा हो गया। वहीं राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में करीब एक सप्ताह से गोलियों की पर्याप्त उपलब्धता नही होने से मरीज परेशान है। सोमवार को निशुल्क दवा वितरण केंद्र पर केल्शियम व आयरन की दवा के लिए बड़ी संख्या में मरीज भटकते हुए नजर आए। चिकित्सकों को कहना है कि मरीजों को आवयश्यता के अनुरुप दवाईया देना अनिवार्य है इसलिए लिखना पड़ता है।
-15 दिन की जगह दो दिन की गोली दी
राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के दवा वितरण केंद्र नम्बर दो के बाहर सोमवार को गोलियां नही मिलने से निराश खड़े जिले के मनोहरथाना क्षेत्र के गांव टोडरी मीरा निवासी नंदलाल लोधा ने बताया कि उसके पैर में चोट आने से वह झालावाड़ चिकित्सालय में दिखाने आया था यहां चिकित्सक ने उसे दवाईया लिखी लेकिन केंद्र पर उसे पूरी दवाई नही दी गई। अब बाहर से खरीदना पड़ेगा।
-डिमांड भेज रखी है
इस सम्बंध में राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि इन दिनो चिकित्सालय में केल्शियम की गोलियों की सप्लाई डिमांड के अनुरुप नही आ पा रही है। इससे परेशानी आ रही है। फिर भी काम चलाने के लिए उपलब्ध स्टॉक से कम गोलियों का वितरण किया जा रहा है। डिमांड भेज रखी है। वहां से पूरी सप्लाई आते ही सारी दवाईयां मरीजों को उपलब्ध हो सकेगी।