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खुली जेल में अब परिवार सहित रहेगें बंदी

-बंदी खुला शिविर का हुआ शुभारम्भ
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झालावाड़

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Jitendra Jaikey

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Updated: 14 Nov 2019, 7:02 PM IST

,Now prisoners will remain in jail with family

College fresher party News:कॉलेज की फ्रेशर पार्टी में दो छात्र गुट भिड़े, अफरातफरी का बना माहौल,खुली जेल में अब परिवार सहित रहेगें बंदी

खुली जेल में अब परिवार सहित रहेगें बंदी
-बंदी खुला शिविर का हुआ शुभारम्भ
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. जिले के 18 व कोटा जिले का एक बंदी अब परिवार सहित जिला मुख्यालय पर खुली जेल में रह सकेगे। गुरुवार शाम जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने फीता काट कर 75.27 लाख की लागत से बनी नवनिर्मित खुली जेल (खुला बंदी शिविर) का शुभारम्भ किया। अब यहां पर सजायाप्ता बंदी अपने अच्छे आचरण के कारण जेल की सलाखों की जगह खुली जेल में अपने परिवार सहित रह सकेगें। फिलहाल यहां जिले के 18 व एक कोटा जिले का बंदी रह सकेगा। राज्य में विभिन्न जिलों में स्थित 38 बंदी खुला शिविर के बाद अब जिला मुख्यालय पर 39 वां शिविर शुरु हो गया है। राज्य में 1402 बंदी खुली जेल में सांस ले रहे है अब जिले में 25 बंदियों की क्षमता वाली खुली जेल शुरु होने से अब राज्य में इन खुली जेल में बंदियों की क्षमता 1427 हो जाएगी। गुरुवार शाम शुभारम्भ समारोह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव बीएल चंदेल, सार्वजनिक निर्माण विभाग की कनिष्ठ अभियंता आयुषी चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कारागृह के अधीक्षक राजपाल सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
-पत्नी के साथ रहेगा परवेज
झालावाड़ जिला मुख्यालय पर नवनिर्मित खुली जेल में गुरुवार शाम से केाटा निवासी परवेज अपनी पत्नी निशाद खानम व मां रफीका के साथ रहेगा। परवेज हत्या के आरोप में जयपुर व हनुमान गढ़ जेल में 14 साल की सजा काट रहा था। लेकिन अच्छे आचरण के कारण उसे अब खुली जेल में रखा जाएगा। गुरुवार शाम को उसकी पत्नी यहां अपने सामान सहित पहुंच चुकी थी।
-यह बंदी रहेगे खुली जेल में
जिला मुख्यालय पर नवनिर्मित खुल जेल में जिले के विभिन्न गांवों से बंदी रतनलाल उर्फ रामरतन मीणा, धन्नालाल उर्फ धनराज गुर्जर, रोशन गुर्जर, दिलीप सिंह, उदयसिंह, तंवर सिंह, पप्पूलाल गुर्जर, बालङ्क्षसह गुर्जर, चंदू उर्फ चंद्रप्रकाश यादव, जगदीश धाकड़, नंदलाल गुर्जर, भेरुलाल दांगी, बहादुर सिंह, अमरसिंह धाकड़, दयानंद गुर्जर, रामप्रसाद धाकड़, जीतमल धाकड़, ग्यासीराम मीणा व कोटा निवासी परेवज खुली जेल में रहेगें।