
-बढ़ती गर्मी के चलते रोज हो रही है तीस क्विंटल गन्ने की खपत
गर्मी के तल्ख तेवर के साथ ही तपन भी यकायक तेजी से बढऩे लगी है। हालांकि दो दिन से पारा कुछ नीचे आने से गर्म हवा से राहत है। लेकिन बढ़ती गर्मी के चलते जिलेभर में गन्ने के रस की मांग भी बढ़ गई है। गर्मी में हलकान हो रहे कंठ को तर करने के लिए लोग गन्ने के रस का सहारा ले रहे हैं।
झालावाड़ शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में लोग रोजाना करीब 80 हजार रुपए से अधिक के गन्ने का रस पी रहे हैं। कई जगह गन्ने के रस की दुकानें और ठेलों पर चरखियां लग गई हैं। दोपहर बाद तो इन दुकानों और ठेलों पर भीड़ लग जाती हैं।
शहर में करीब दो दर्जन से अधिक गन्ने का रस निकालने की मशीनें चल रही हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में गन्ने के रस की दुकानें और ठेले संचालित हो रहे हैं। जिले में तेज हुई गर्मी की दस्तक के साथ ही गन्ने के रस की मांग बढ़ गई है। गन्ने के रस की दुकानों पर दिनभर लोगों की आवाजाही देखने को मिल रही है। दुकानों पर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए गन्ने के रस का सहारा ले रहे है। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने के साथ ही गन्ने के रस की मांग भी और बढ़ जाएगी।
वर्तमान में रोजाना करीब तीस क्विंटल गन्ने का रस निकाला जा रहा है। ऐसे में जून के लिए बाहर से गन्ना मंगवाने के आर्डर भी दिए गए हैं। ताकि भीषण गर्मी में माल आने में कोई परेशानी नहीं रहे और समय पर खपत के अनुरूप गन्ना मिलता रहे। बाजार में गन्ने के रस का एक गिलास 20 से 25 रुपए में मिल रहा है। जबकि अन्य फलों के रस का एक गिलास 30 से 35 रुपए में मिल रहा है। जिसके चलते ग्रामीण इलाकों के लोगों की गन्ने का रस ही पहली पसंद बना हुआ है। एक किलो गन्ने में आधा लीटर गन्ने का रस निकलता है।
शहर व हाइवे की बात करें तो शहर में बने फोरलेन के नीचे काफी जगह होने व पर्याप्त छाया रहने से यहां कई छोटी मोटी दुकाने, थडिय़ों के साथ गन्ने की चरखियां भी आराम से चल रही है। इसके अलावा हाइवे पर जहां अंडरब्रिज के नीचे भी पर्याप्त छाया होने पर गर्मी में बाइक, कारों व अन्य वाहनों से यात्रा करने वाले लोग कुछ पलों के लिए छांव में विश्राम के साथ गन्ने के रस से हलक तर कर लेते हैं। इससे आगे का सफर आराम से कर सकते हैं।तीनधार से लेकर झालरापाटन में सुनेल चौराहे तक जगह-जगह अंडरब्रिज पर गन्ने की चरखियों की मौजूदगी नजर आ रही है। वहीं यहां कई अन्य दुकनें भी है,इसमें चाय, नाश्ता से ज्यादा गन्ने के रस की दुकानें है। जिलेभर में गर्मी के मौसम में गन्ने की दुकानों से कई युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
गन्ने के साथ पोदीना व नींबू मिलाकर देते हैं, इससे गर्मी में लू लगने का डर कम हो जाताहै। पेट भी अच्छा रहता है।प्रतिदिन ढ़ाई से तीन हजार तक का गन्ना बेच देते हैं। अभी भीषण गर्मी होने से राहगीर व शहरवासी खूब गन्ना पी रहे हैं।
Updated on:
13 May 2024 11:42 am
Published on:
13 May 2024 11:41 am

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