
ISIS
झांसी. झांसी के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के दफ्तर से आतंकी संगठन आईएसआईएस को गोपनीय जानकारी लिक करने के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की पूछताछ जारी है। टीम ने शनिवार को भी पूछताछ की। साथ ही एसडीएम दफ्तर के कम्प्यूटरों और अभिलेखों को खंगाला। बताया जाता है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी एटीएस के हाथ लगी है। शनिवार को एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष सोनकर के मुताबिक रक्षाबंधन के बाद इस प्रकरण में कई गिरफ्तारी हो सकती है।
मालूम हो कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने खुफिया इकाइयों की सूचना पर शुक्रवार को एसडीएम सदर व एडीएम न्याय कार्यालय पर छापा मारा था और यहां के कर्मचारियों से पूछताछ की थी। एडीएम न्याय के यहां कार्यरत लिपिक राघवेंद्र अहिरवार से कई बार पूछताछ की गई। वह पहले झांसी के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर के कार्यालय में तैनात था। साथ ही एसडीएम के दफ्तर में रखे कम्प्यूटर, पेन ड्राइव व कई अन्य अभिलेखों को एटीएस ने अपने कब्जे में ले लिए थे। इससे जिले में हड़कंप मच गया था। मालूम हो कि झांसी में आतंकी संगठन आईएसआईएस के कनेक्शन पहले भी सामने आ चुका है, इसलिए एटीएस टीम पहले की घटनाओं से भी इस मामले के तार जोड़कर आगे की जांच पड़ताल में जुटी है।
बता दें कि झांसी एसडीएम सदर के क्षेत्र में सेना की दो छावनी हैं। इससे पहले आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े कई लोगों के झांसी में संपर्क भी सामने आ चुके हैं। यूपी एटीएस के आइजी असीम अरुण ने बताया कि पिछली सभी घटनाओं को भी जांच के केंद्र में रखा गया है। कई कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ भी की गई है, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं। उन्होंने बताया कि झांसी एसडीएम के दफ्तर से जब्त किए गए कम्प्यूटरों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही कई नए तथ्य सामने आएंगे।
Published on:
05 Aug 2017 09:57 pm
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