झांसी। 'जिनका कोई नहीं, उनका तो खुदा है यारो' वाली बात यहां रेलवे क्षेत्र में उस वक्त साबित हो गई, जब एक ट्रेन के डिब्बे में एक महीने का बच्चा और एक जगह रेलवे वेटिंग रूप में दस महीने की बच्ची अपनों से बिछुड़ने के बाद लावारिस हालत में पड़े बिलख रहे थे। ठीक उसी समय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) उनके लिए 'भगवान' बनकर पहुंच गई। आरपीएफ ने इन दोनों ही बच्चों को सुरक्षित हाथों में सुपुर्द करके पीड़ित मानवता की बड़ी सेवा की।