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जानें राजस्थान के किस जिले में किस बिजनेस को बढ़ावा देगी सरकार, यहां देखें पूरी लिस्ट

उद्योेग की जानकारी देने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। बिजनेस स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।

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झुंझुनूं में तैयार एक वूडन क्राफ्ट

राइजिंग राजस्थान के तहत राजस्थान सरकार हर जिले में एक बिजनेस को विशेष रूप से बढावा देगी। इसे एक जिला एक उत्पाद योजना नाम दिया है। इसके तहत हर जिले के लिए एक उत्पाद की घोषणा कर दी गई है। सेठ साहुकारों व देश को सबसे ज्यादा फौजी देने वाले झुंझुनूं जिले में अब वूडनहैंडीक्राफ्ट नया बिजनेस बनेगा। राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान में एक जिला एक उत्पाद में झुंझुनूं से वूडनहैंडीक्राफ्ट को शामिल किया है। अब यहां लकड़ी से जुड़े उत्पाद बनाने के नए उद्योग लगाने में सरकार पहले से ज्यादा मदद करेगी। उनको सरल तरीके से जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। लकड़ी से जुड़ेउद्योेग की जानकारी देने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। बिजनेस स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। इस पर करीब बीस से पच्चीस फीसदी अनुदान देने का अलग-अलग योजनाओं में प्रावधान किया जाएगा। इसके बाद सबसे बड़ी बात है कि उत्पाद को मार्केट उपलब्ध करवाने में भी सरकार मदद करेगी।

अभी नौ बड़े 200 छोटे कारखाने

जिले में अभी वूडन से जुड़े नौ बड़े कारखाने हैं। इनमें सभी का उत्पाद विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। इसके अलावा करीब 200 से ज्यादा मध्यम व छोटे कारखाने हैं। यहां टेबल, स्टूल, लकड़ी की अलमारी, अलग-अलग डिजाइन की कुर्सी, चारपाई व अन्य उत्पाद की खूब बिक्री हो रही है। अनेक उत्पाद यहां से विदेश भी जा रहे हैं। इसके अलावा शादी व उपहार में दिए जाने वाला सामान बनाया भी जा रहा है।

बीलवा व डाबडी बना चुके पहचान

बीलवा गांव में लकड़ी के बर्तन, लकड़ी की कटोरी, लकड़ी का ग्लास, लकड़ी की चम्मच, लकड़ी का चिमटा, लकड़ी के फ्रेम व अन्य उत्पाद पुरस्कार जीत चुके। वहीं डाबड़ी गांव में बनी कलाकृतियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जा चुका।

शेखावाटी के चारों जिलों के उत्पाद

झुंझुनूं:वूडनहैंडीक्राफ्ट

सीकर: फर्नीचर

चूरू: चांदी बर्तन व लकड़ी फर्नीचर

नीम का थाना: खनिज उत्पाद

इनका कहना है

एक जिला एक उत्पाद में झुंझुनूं में वूडनहैंडीक्राफ्ट को शामिल किया गया है। अभी जिले में नौ बड़ी इकाईयां हैं। इससे इस बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की जो भी योजना आएगी, उसके अनुसार बिजनेसमैन को फायदा दिलवाया जाएगा। लोगों को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

-शुभकरण थालौर, जिला उद्योग अधिकारी, झुंझुनूं

इनका कहना है

सरकार का यह अच्छा प्रयास है। इससे लकड़ी से जुडे नए बिजनेस पनपेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार मार्केट भी उपलब्ध करवाएगी। इससे बिजनेसमैन को अपने उत्पाद बेचने में आसानी होगी। बस पूरी प्रकिया का सरलीकरण होना चाहिए।

-वीरेन्द्र सिंह, बिजनेसमैन

जिला उत्पाद

अजमेर: मार्बल-ग्रेनाइट

अलवर: ऑटो कम्पोनेंट

अनूपगढ़: कॉटन आधारित उत्पाद

बालोतरा: टेक्सटाइल उत्पाद

बांसवाड़ा: ग्रेनाइट, मार्बल, टाइल्स

बारां: सोयाबीन प्रोसेसिंग, लहसुन आधारित उत्पाद

बाड़मेर:टैक्सटाइल आधारित हैंडीक्राफ्ट, ब्लॉक प्रिंटिंग

ब्यावर: क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार पाउडर

भरतपुर:एग्रो प्रोडक्ट प्रोसेसिंग, खाद्य तेल, शहद

भीलवाड़ा:टैक्सटाइल व मक्का आधारित उत्पाद

बीकानेर: भुजिया व केन रसगुल्ला, ऊनी धागा, सिरेमिक उत्पाद

बूंदी: चावल

चित्तौड़गढ़: ग्रेनाइट-मार्बल स्लेब, टाइल, लकड़ी क्राफ्ट

दौसा: कारपेट, दरी, डेकोरेटिव स्टोन आर्टिकल

डीडवाना-कुचामन: मकराना मार्बल, ग्रेनाइट

डीग: डेकोरेटिव स्टोन आर्टिकल

धौलपुर: स्किम्ड मिल्क पाउडर, लाल पत्थर

दूदू: ब्लू पोटरी

डूंगरपुर: ग्रेनाइट, मार्बल स्लैब व स्टोन

गंगापुरसिटी: मिठाई (खीरमोहन)

हनुमानगढ़: चावल, सरसों व कपास

जयपुर शहर: जैम एण्ड ज्वैलरी, वूडन टॉयज, हैंडीक्राफ्ट

जयपुर ग्रामीण: ब्लॉक प्रिंटिंग (बगरू व सांगानेरी), कृषि उपकरण

जैसलमेर: हैंडीक्राफ्ट, पीला पत्थर

जालौर: ग्रेनाइट स्लेब व टाइल, जीरा व इसबगोल

झालावाड़: कोटा स्टोन

जोधपुर शहर:हैंडीक्राफ्ट व ग्वारगम

जोधपुर ग्रामीण: डेकोरेटिव स्टोन आर्टिकल्स

करौली:सेंड स्टोन

केकड़ी: ग्रेनाइट-मोबाइल स्लेब व टाइल

खैरथल-तिजारा: इंजीनियरिंग उत्पाद (ऑटोमाबाइलपार्टस)

कोटा: कोटा डोरिया

कोटपूतली-बहरोड: इंजीनियरिंग उत्पाद (ऑटोमाबाइलपार्टस)

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