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ईडब्ल्यूएस को आरक्षण देने में जमीन की शर्त हटाई जाए, चुनाव से पहले सरकार करे घोषणा

जिले के हजारों परिवार ऐसे हैं जिनके ईडब्ल्यूएस के प्रमाण पत्र ही नहीं बन पा रहे। जमीन की कीमत कोलकाता, दिल्ली, मुम्बई में अलग है, झुंझुनूं में अलग है। लेकिन सभी जगह नियम समान कर दिया गया। जमीन की शर्त बहुत बड़ी बाधा है। इसे हटाया जाना चाहिए।

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EWS Reservation ईडब्ल्यूएस को आरक्षण देने में जमीन की शर्त हटाई जाए, चुनाव से पहले सरकार करे घोषणा

झुंझुनूं. ईडब्ल्यूएस श्रेणी का आरक्षण देने में जमीन की शर्त हटाने व आरक्षण चौदह फीसदी करने सहित अनेक मांगों को लेकर बुधवार को अनेक संगठनों ने प्रधानमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले केन्द्र सरकार को इसकी घोषणा करनी चाहिए।सवर्ण समाज के जिला संयोजक उमाशंकर महमिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों सामान्य वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस को दस फीसदी आरक्षण दिया है। इसका फायदा मिलने लगा है, लेकिन इसमें अनेक कठिन शर्त हैं, जिसके कारण इसका पूरा फायदा जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा। जिले के हजारों परिवार ऐसे हैं जिनके ईडब्ल्यूएस के प्रमाण पत्र ही नहीं बन पा रहे।

जमीन की कीमत कोलकाता, दिल्ली, मुम्बई में अलग है, झुंझुनूं में अलग है। लेकिन सभी जगह नियम समान कर दिया गया। जमीन की शर्त बहुत बड़ी बाधा है। इसे हटाया जाना चाहिए। सर्व ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष कमलकांत शर्मा, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह तोलियासर, अग्रवाल समाज जिलाध्यक्ष संपत चुडैलावाला ने कहा कि केन्द्र सरकार को जमीन की शर्त तो हटानी ही चाहिए। ज्ञापन देने वालों में राम गोपाल महमिया, एडवोकेट सुशील जोशी, पवन पुजारी, दशरथ सिंह शेखावत काली पहाड़ी, अजीत सिंह लूमास, कैलाश सिंघानिया, देवकीनंदन तुलस्यान, शिवचरण हलवाई, रघुनाथ पोद्दार, प्रदीप शर्मा अलसीसर, विनोद पुजारी रिजानी, पवन पांडे, एडवोकेट कमल शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।

यह मांग उठाई

-आरक्षण में राजस्थान सरकार की तर्ज पर जमीन की शर्त हटाई जाए।-आरक्षण की सीमा दस से बढ़ाकर चौदह फीसदी की जाए।

-पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो, अभी अधिकांश प्रक्रिया ऑफलाइन है, इस कारण प्रमाण पत्र बनने में देरी हो रही है।-प्रमाण पत्र तीन साल के लिए मान्य हो, अभी हर साल नया बनवाना पड़ रहा है।

-आईआईटी, एनआईटी, मेडिकल कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वालों को फीस में छूट दी जाए।-छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाए।

-ईडब्ल्यूएस आरक्षण विषय को 9वीं अनुसूची में शामिल करके मूल संविधान में जोड़ा जाए।-आय सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपए वार्षिक की जाए।

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