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अक्षय कुमार के लिए लकी है ये एक चीज, आप भी आसानी से पा सकते हैं इसे

एक्टर अक्षय कुमार बता रहे हैं कि सपनों को कैसे पूरा किया जा सकता है-
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Sunil Sharma

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Updated: 6 May 2018, 9:25 AM IST

Akshay Kumar

Akshay Kumar

इस दुनिया में एक अदृश्य ताकत है जो हमें हर रोज इस उम्मीद के साथ उठाती है कि आज जरूर कुछ अच्छा होगा, यह ‘शुभ’ की शक्ति है। मैं इस ‘शुभ’ में, सकारात्मकता में विश्वास रखता हूं। इस ताकत पर भरोसा रखने वाला अपने लिए सीढिय़ां बनाने पर नजर रखता है, दूसरों के लिए गड्ढ़े खोदने में वक्त बर्बाद नहीं करता। जो गड्ढ़े खोदता है, वह आदमी खुद उसी में गिरता है और कहता है कि भगवान ने उसके साथ अच्छा नहीं किया! परिस्थितियों को दोष देना सीधे-सीधे खुद को खारिज करना है। आपको हर परिस्थिति में खुद को आगे बढऩे के लिए तैयार करना है। आपको मुश्किलों से हार नहीं माननी है। आपको जीवन में हमेशा सकारात्मक रहना है।

मैंने परिस्थितियों को दोष कभी नहीं दिया। बात तब कि है जब मैं यहां नया था। इनडोर महंगा पोर्टफोलियो बनवाने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे, इसलिए एक फोटोग्राफर के साथ जुहू बीच पर एक पुराने बंगले के सामने पोर्टफोलियो बनवाने के लिए फोटो खिंचवा रहा था। बंगले की दीवार को छूते ही वॉचमैन मुझ पर चिल्लाने लगा और उसने हमें वहां से भगा दिया। आज वह दीवार मेरे बंगले की है। मैंने वह बंगला खरीद लिया है। मैं मानता हूं कि हर इंसान में ऐसी एक आग होनी चाहिए जो उसे आगे बढऩे के लिए उकसाती रहे।

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती
जो काम ऊपरवाले का है, उसकी टेंशन आप क्यों लें? पहले मैं बहुत आगे-पीछे सोचता था और जब वास्तव में काम करने का वक्त आता था तो सोच-सोच कर ही इतना थक चुका होता था कि काम पर असर पडऩा ही था। जल्दी ही समझ गया कि सोचने से ज्यादा मेहनत से खुद को थकाओ। मैंने अपने पड़ौसी को देखकर मार्शल आर्ट सीखी थे और आज उसका फल मिल रहा है।

बनिए वक्त के पाबंद...
अगर आप वक्त के पाबंद और अनुशासित नहीं है तो अव्वल तो आपको सफलता मिलेगी ही नहीं और अगर मिल भी गई तो टिकेगी नहीं। अगर आपको लक्ष्य हासिल करना है तो टालमटोल को छोड़ दीजिए, अनुशासित बनिए।

मैं सबसे कहता हूं कि भगवान के अलावा किसी से मत डरो! मेरा मतलब उस डर से है जो हमें कोई अच्छा काम भी नहीं करने देता। हम डरते हैं कि लोग क्या कहेंगे? हम डरते हैं कि कहीं इसके नतीजे विपरीत आ गए तो क्या होगा? मैं बस एक मोटी-सी बात याद रखता हूं कि जो पल या जो काम अभी सामने है, मुझे बस उसी में रहना है।