भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान सामूहिक रूप से कर सकेगा शिक्षकों की भर्ती: जावड़ेकर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सामूहिक रूप से विदेशों में रहने वाले भारतीय शिक्षकों से बातचीत करने को कहा गया है

By: कमल राजपूत

Updated: 21 Jul 2018, 12:23 PM IST

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सामूहिक रूप से विदेशों में रहने वाले भारतीय शिक्षकों से बातचीत करने को कहा गया है। सरकार ने यह जानकारी संसद को दी। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में कहा कि उनके मंत्रालय द्वारा आईआईटी को दुनियाभर से उत्तम शिक्षकों की तलाश करने के लिए बातचीत करने को कहा गया है।

आपको बता दें राज्यसभा में एक सदस्य ने पूछा कि शिक्षकों की कमी दूर करने को लेकर सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा, हमारे विद्यार्थी दुनिया में उत्तम हैं और असली समस्या शिक्षकों की है। इसलिए हमने फैसला लिया है कि सभी आईआईटी और केंद्रीय संस्थान मिलकर दुनियाभर से अच्छे शिक्षकों की तलाश करें और इसके लिए विज्ञापन दें। साथ ही इच्छुक लोगों को शिक्षण पेशा में आने के लिए आमंत्रित किया जाए।

उन्होंने कहा, "अगले महीने आईआईटी परिषद की बैठक होगी। सभी आईआईटी संयुक्त रूप से सामूहिक प्रयास से अच्छे एनआरआई और ओसीआई शिक्षकों की तलाश करके उनकी सेवा लेंगे। हम उनको परामर्श सेवा प्रदान करने की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे।

गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री जावड़ेकर कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। रमेश ने बताया कि आईआईटी दिल्ली में 40 फीसदी शिक्षकों की कमी है जबकि आईआईटी बंबई में 38 फीसदी शिक्षकों की कमी है।

 

पुणे में भारतीय सेना का दूसरा व्यावसायिक आर्मी लॉ कॉलेज शुरू

भारतीय सेना द्वारा पुणे में आर्मी लॉ कॉलेज की स्थापना की गई है। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी के तत्वावधान में शुरू किया गया यह कॉलेज भारतीय सेना का पुणे में दूसरा व्यावसायिक कॉलेज है। पहला व्यावसायिक कॉलेज आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी है।

रक्षा मंत्रालय के मध्य कमान मुख्यालय की जनसंपर्क अधिकारी गार्गी मलिक सिन्हा ने बताया कि आर्मी लॉ कॉलेज एक आवासीय संस्थान है जो पांच वर्षीय एकीकृत बीबीए, एलएलबी पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। यह कॉलेज सावित्रि फुले पुणे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2018-19 के लिए सेवारत एवं सेवानिवृत सैन्यकर्मियों के 60 बच्चों को प्रवेश दिया गया है।

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