
डॉक्टरों ने जानकारी देने की जगह टीबी मरीाज से करवाएं हस्ताक्षर
जोधपुर.
श्वांस जनित रोग टीबी (क्षय रोग) जोधपुर संभाग में मरीजों की सांसें छिन रहा है, लेकिन क्षय रोग निवारण के लिए चल रहे सरकारी प्रयासों से मौतों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। टीबी ही नहीं बल्कि जोधपुर संभाग में सिलकोसिस की चपेट में आने से भी अनगिनत मरीज गुपचुप असमय मौत के मुंह में जा रहे हैं।
जोधपुर संभाग स्तर पर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अधीन कमला नेहरू टीबी अस्पताल में हर साल श्वांस जनित बीमारियों के हजारों मरीजों का ओपीडी में परामर्श व आईपीडी भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। यहां वार्डों में भर्ती कर मरीजों को टीबी की जंग जीतने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भर्ती मरीजों के घर जाकर दवा लेने का प्रोसेस इतना जटिल व लम्बा है कि कई मरीज बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं। और टीबी के अनियंत्रण में होने का बड़ा कारण भी डिफाल्टर मरीज ही है। दवा व इलाज बीच में बंद कर देने से मरीज की प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है और मरीज स्वस्थ नहीं हो पाता। ऐसे में कई मरीज गुपचुप तरीके से मौत के मुंह में चले जाते हैं।
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टीबी अस्पताल के वरिष्ठ आचार्य डॉ. गोपाल पुरोहित का कहना है कि श्वांस संबंधी रोग में जो मरीज पूरा इलाज लेता है, उसकी बीमारी निश्चित रूप से ठीक होती है। अस्पताल में टीबी रोगियों को इलाज पूरी तरह नि:शुल्क किया जा रहा है। दवा भी यहीं से दी जा रही है। साथ ही सरकार की ओर से टीबी मरीज को पोषण राशि तथा सिलकोसिस मरीजों को सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है।
फैक्ट फाइल :
टीबी अस्पताल जोधपुर- (पांच वर्ष)-
-2016 कुल मौतें श्वांस संबंधी सभी बीमारियों के मरीजों की हुई।
-1018 मौतें अकेले टीबी रोग से हुई।
-1011 मरीजों की मृत्यु वर्ष 2014 से फरवरी 2019 तक सिलकोसिस से हुई।
-162 बैड है टीबी अस्पताल में हैं। जहां टीबी सहित सिलकोसिस मरीजों का इलाज भी हो रहा है।
जोधपुर जिला-
-436 मरीजों की मौतें जोधपुर जिले में टीबी से हुई।
-14 यूनिट जिला क्षय रोग निवारण केन्द्र की निगरानी में काम कर रही है।
-59 माइक्रोस्कॉप जांच केन्द्र यानि डीएमसी है जिले में
-164 डॉट्स केन्द्र व इलाज केन्द्र चलाए जा रहे हैं जिले में
जोधपुर जोन- मरीज व मौतें (कमला नेहरू टीबी अस्पताल )
वर्ष --------------------------------टीबी मरीज--------------------------------मौतें---------------------------------सिलकोसिस मरीज
2014 --------------------------------2013 --------------------------------183 ---------------------------------119
2015 --------------------------------3115 --------------------------------208 --------------------------------382
2016 --------------------------------3085--------------------------------233 --------------------------------1257
2017 --------------------------------3086 --------------------------------177 --------------------------------911
2018 --------------------------------1976 --------------------------------217 --------------------------------961
(वर्ष 2014 से फरवरी 2019 तक सिलकोसिस से 1011 मरीजों की मृत्यु)
जोधपुर जिले में टीबी के हालात-
वर्ष -----------------------------मरीजों का इलाज----------------------मौतें
2014 -----------------------------३802 -----------------------------81
2015 -----------------------------3657 -----------------------------84
2016 -----------------------------3452 -----------------------------81
2017 -----------------------------3301 -----------------------------65
2018 -----------------------------4403----------------------------- 125
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Updated on:
24 Mar 2019 02:16 pm
Published on:
24 Mar 2019 02:16 pm
