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Jodhpur: 30 जिलों के भार तले दब रहे 11 अफसर

- प्रदेश में बाट एवं माप-तौल व्यवस्था ठप होने के कगार पर - केलिब्रेशन नहीं होने से जोधपुर में सालावास तेल डिपो के बाहर लगी टैंकरों की कतारें
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Jodhpur: 30 जिलों के भार तले दब रहे 11 अफसर

जोधपुर. सरकारी रवैए के कारण जयपुर, दौसा व सवाई माधोपुर को छोडकऱ प्रदेश के 30 जिलों में विधिक माप विज्ञान का भार 12 अफसरों पर आ गया है। कई अफसरों के पास तीन-तीन जिलों का कार्यभार हैं, जिससे प्रदेश की बाट एवं माप-तौल व्यवस्था ठप होने के कगार पर पहुंच गई है। इसके उलट जयपुर में 21 नवनियुक्त अधिकारी बैठे-बैठे तनख्वाह ले रहे हैं। इसमें से 9 अधिकारियों का प्रशिक्षण परिणाम 2 महीने पहले आ चुका हैं, लेकिन इन्हें कहीं पर भी नियुक्ति नहीं दी गई है। जोधपुर के अधिकारी को अजमेर और पाली का अतिरिक्त कार्यभार देने से सालावास स्थित तेल डिपो पर टैंकरों का केलिब्रेशन धीमा हो गया है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो के बाहर टैंकरों की कतारें लगनी शुरू हो गई है। वर्तमान में करीब 50 टैंकर डिपो के बाहर खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बरसात के समय में गांवों में डीजल की मांग अधिक है। इधर, तेल टैंकरों के केलिब्रेशन नहीं होने व डीजल आपूर्ति गड़बड़ाने से किसान परेशान हो गए हैं।

क्या काम करता है विभाग

सरकार ने बाट एवं माप-तौल विभाग का नाम बदलकर विधिक माप विज्ञान विभाग कर दिया है, जो उपभोक्ता मामलात विभाग के अंतर्गत आता है। विभाग का कार्य माप, तौल, बाट, पेट्रोल पंप के नोजल का केलिब्रेशन, तेल टैंकरों का केलिब्रेशन, कपड़े मापने के लम्बाई मीटर का सत्यापन, तराजू व काउंटर मशीन का सत्यापन, टैक्सी मीटर, इलेक्ट्रोनिक मशीन और पैकेज सामग्रियों का निर्धारण करना होता है, लेकिन अधिकांश अफसरों के पास दो से तीन जिले होने से बाजार में माप-तौल जांच का काम बंद हो चुका है। जोधपुर में भी पिछले 1 साल से बाजार में किसी दुकान का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण नहीं किया गया।

अधिकारी का नाम------ जिलों का प्रभार
1 कौशल किशोर गुप्ता ------ जोधपुर, अजमेर, पाली

2 मनीष भटनागर------ उदयपुर, जालोर, सिरोही
3 राजेश त्यागी ------ बांसवाड़ा, जैसलमेर, बाड़मेर

4 महेंद्र सिंह ------ भीलवाड़ा, नागौर, बूंदी
5 भवंरसिंह ------ श्रीगंगानगर, बीकानेर

6 राकेश सोनी ------ कोटा, बारां, झालावाड़
7 योगेश शर्मा ------ चूरू व सीकर

8 नैनूराम ------ झुंझनूं व हनुमानगढ़
9 विनोद जुनेजा------ भरतपुर, धौलपुर, भिवाड़ी

10 ब्रजेश शर्मा ------ करौली, अलवर
11 भगवानदास ------ चितौडगढ़़, प्रतापगढ़, राजसमंद

(महेश शर्मा के पास सवाईमाधोपुर व संजय प्रधान के पास दौसा का कार्यभार हैं। जयपुर को चार अफसर संभाल रहे हैं।)

पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे
जोधपुर में करीब 1000 टैंकर हैं जो 8 से 10 जिलों में पेट्रोल-डीजल आपूर्ति करते हैं। केलिब्रेशन धीमा होने से कई पेट्रोल पंप मालिकों को खुद का टैंकर होने के बावजूद दूसरे के टैंकर से तेल मंगवाना पड़ा। अगर एक आदमी सप्ताह में केवल दो दिन ही काम करेगा तो आने वाले कुछ समय में कुछ पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।

गोपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन

हमने कलक्टर से मदद मांगी है
इस मामले में हमने कलक्टर से मिलकर उनको वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। अगर सरकार एक आदमी को तीन जिलों में लगाएगी तो हमारा काम तो ठप हो जाएगा।

जितेंद्र शर्मा, जिला सचिव, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन

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