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PUC—116 पीयूसी सेन्टर, आधे से ज्यादा बंद, नतीजा: खानापूर्ति बन गई प्रदूषण जांच

- 53 केन्द्रों पर ही जारी हो रही पीयूसी - वाहन चालकों में जागरुकता की कमी
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जोधपुर

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Amit Dave

Jul 04, 2023

PUC---116 पीयूसी सेन्टर, आधे से ज्यादा बंद, नतीजा: खानापूर्ति बन गई प्रदूषण जांच

PUC---116 पीयूसी सेन्टर, आधे से ज्यादा बंद, नतीजा: खानापूर्ति बन गई प्रदूषण जांच

जोधपुर।

सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया गया है। इसके लिए पेट्रोल पम्प, ऑटो डीलर्स एजेन्सी पर प्रदूषण जांच केन्द्रों सहित मोबाइल वैन के जरिए पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने का काम किया जा रहा है। हाल यह है कि वाहन चालकों में जागरुकता की कमी, परिवहन विभाग की सुस्ती के चलते पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया खानापूर्ति बनकर रह गई है। नतीजतन, शहर में प्रदूषण व धुआं फैलाते वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

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63 पीयूसी सेंटर बंद

शहर में परिवहन विभाग की 116 पीयूसी सेंटर वाहनों की पीयूसी जारी करने के लिए रजिस्टर्ड है। इनमें से 63 सेंटर बंद है व 53 सेंटरों पर ही पीयूसी जारी करने का कार्य किया जा रहा है। लोगों की ओर से वाहनों की समय-समय पर पीयूसी नहीं कराने के कारण मजबूरन कई केन्द्र बंद हो गए है। पेट्रोल पंप, ऑटो डीलर्स एजेन्सियों पर पीयूसी का कार्य नगण्य हो रहा है। वहीं, मोबाइल वैन पर भी आशानुरुप कार्य नहीं हो रहा है।

जून माह की ही बात करे तो शहर में करीब 20 हजार वाहनों की ही पीयूसी कराई गई।

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ऐसे जारी की जाती है पीयूसी

प्रदूषण जांच केंद्र पर कम्प्यूटर से जुड़ा एक गैस एनालाइजर होता है। इसी के साथ एक कैमरा और प्रिंटर भी होता है। गैस एनालाइजर को वाहन स्टार्ट करने के बाद साइलेंसर में लगाया जाता है और वाहन से निकलने वाली गैस के आंकड़े कम्प्यूटर में दर्ज हो जाते हैं। एक बार आंकड़े दर्ज होने के बाद अगर तय दायरे में वाहन से प्रदूषण हो रहा है, तो पीयूसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के वाहनों के लिए प्रदूषण का दायरा अलग-अलग होता है।

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यह रहती है पीयूसी की वैधता

- बीएस 4 स्टैंडर्ड या उससे ऊपर के वाहन के लिए 1 साल की पीयूसी वैलिड।

- 1 अप्रैल 2010 या उसके बाद की कार के लिए 1 साल की पीयूसी वैलिड।

- 1 अप्रैल 2017 या उसके बाद के दो पहिया वाहन के लिए भी 1 साल की पीयूसी वैलिड।

- 31 मार्च 2017 से पहले के वाहनों के लिए 6 माह की पीयूसी बनेगी।

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लोग समय पर अपने वाहनों की पीयूसी नहीं करवा रहे। टीमें बनाकर जांच की जाएगी व लोगों को जागरुक करने का कार्य किया जाएगा।

रामनारायण बडगुजर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी

जोधपुर।

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