9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

SPORTS– खेलों में खिलवाड़, खिलाडि़यों के खस्ताहाल: प्रदेश में 490 कॉलेजों पर 22 कोच

- 272 पदों में से 250 पद खाली - नए सत्र में 71 नए कॉलेज भी खोले जाएंगे
2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

Amit Dave

Apr 15, 2023

SPORTS-- खेलों में खिलवाड़, खिलाडि़यों के खस्ताहाल: प्रदेश में 490 कॉलेजों पर 22 कोच

SPORTS-- खेलों में खिलवाड़, खिलाडि़यों के खस्ताहाल: प्रदेश में 490 कॉलेजों पर 22 कोच

जोधपुर।

प्रदेश में खेल-खिलाडियों के विकास के दावे खोखले साबित हो रहे है। कॉलेज-विश्वविद्यालय स्तर पर खिलाडि़यों को विभिन्न खेलों में प्रेक्टिस कराने के लिए पूरे कोच ही नहीं है। इस कारण में कॉलेजों में खेलकूद गतिविधियां सुचारु संचालित नहीं हो रही है, प्रदेश खेलों में पिछड़ता जा रहा है और खिलाड़ी राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पा रहे है।हाल यह है कि प्रदेश में 490 कॉलेज संचालित हो रहे है, और कॉलेज शिक्षा के हजारों विद्यार्थी केवल 22 कोचों के भरोसे है। 490 कॉलेजों में कोचों के स्वीकृत 272 पदों में से 250 पद खाली है। इससे प्रदेश में खेलों में खिलवाड़ व खिलाडि़यों के खस्तहाल का अंदाज लगाया जा सकता है। वहीं, सरकार की बजट घोषणा के अनुसार नए सत्र से प्रदेश में 71 नए कॉलेज खोले जाएंगे, ऐसे में इन कॉलेजों में खेल गतिविधियों के विकास का अंदाज लगाया जा सकता है।

----------

प्रतियोगिताओं में की जा रही खानापूर्ति

वर्तमान में कॉलेज शिक्षा में खेलकूद गतिविधियां व प्रतियोगिताओं के नाम पर केवल मात्र खानापूर्ति की जा रही है। इसका खमियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप खेलों में राज्य पिछड़ता जा रहा है। हाल यह है कि अंतर महाविद्यालय, अंतर विश्वविद्यालय के प्रतियोगिताओं में भाग लेने जाने वाली टीमों के संबंधित खेलों के प्रशिक्षकों के साथ बाबू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को साथ भेजना पड़ता है

-----

जेएनवीयू में कोच नहीं, केवल दो डायरेक्टर

वर्तमान में राज्य में कॉलेज शिक्षा में खेलों का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में न्यून है। पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जहां हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। सैकड़ों कॉलेज इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत आती है लेकिन स्पोर्ट्स बोर्ड में शिक्षक-प्रशिक्षकों के पद रिक्त है। स्पोर्ट्स बोर्ड मात्र 2 डायरेक्टर के भरोसे है।

--------------

कॉलेज एजुकेशन में प्रशिक्षकों के नहीं होने से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा होते हुए भी आगे नहीं बढ पाते है। सरकार को प्रशिक्षकों के रिक्त पद भरने चाहिए।

डॉ बीएल दायमा, डायरेक्टर

स्पोर्ट्स बोर्ड, जोधपुर

--------------------------

मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षामंत्री से राज्य की समस्त कॉलेजों में शारीरिक शिक्षा के प्राध्यापक-प्रशिक्षक लगाने की मांग करेंगे, ताकि राज्य में खेल व खिलाड़ियों का विकास हो सके।

हापूराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष

राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ

-----------

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग