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कोरोना इफेक्ट: 30 क्विं कम हुआ उत्पादन, किसानों को नहीं मिल रहे बाजरा के बीज

- कृषि अनुसंधान केन्द्र पर बाजरा की एमपीएमएच-17 किस्म के बीज का इस बार हुआ 20 क्विंटल उत्पादन  
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जोधपुर

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Amit Dave

Jun 17, 2020

कोरोना इफेक्ट: 30 क्विं कम हुआ उत्पादन, किसानों को नहीं मिल रहे बाजरा के बीज

कोरोना इफेक्ट: 30 क्विं कम हुआ उत्पादन, किसानों को नहीं मिल रहे बाजरा के बीज

जोधपुर।

कृषि विश्वविद्यालय की ओर से ईजाद की गई एमपीएमएच-17 का बाजरा का बीज किसानों को रास आने से इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। लेकिन मण्डोर स्थित कृषि अनसुंधान केन्द्र पर कोरोना की वजह से इस कि स्म के बीजों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इस बार केन्द्र पर करीब 20 क्विंटल बीज का उत्पादन हुआ है। हर वर्ष करीब 50 क्विंटल बीज उत्पादित होता है। ऐसे में 30 क्विंटल उत्पादन कम होने से पर्याप्त मात्रा में यह बीज उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान है।

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मनमाने दाम वसूल रही निजी बीज कंपनियां

किसानों को कृषि अनुसंधान केन्द्र पर एमपीएमएच-17 के बीज उपलब्ध नहीं होने के कारण मजबूरी में दूसरी किस्मों के बीज खरीदने पड़ रहे है। उसमें भी बीज निगम अथवा सरकारी एजेंसियों में बीज की उपलब्धता नहीं होने से किसानों से निजी बीज कंपनियां भी मनमाने दाम वसूल रही है।

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इस बार कोरोना की वजह से एमपीएमएच-17 किस्म के बीजों का सही प्रबंधन नहीं होने से पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पाया। इसलिए किसानों को बीज उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही है। डॉ सीतराम कुम्हार, निदेशक अनुसंधान

कृषि अनुसंधान केन्द्र जोधपुर

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स्थानीय स्तर पर विकसित इस किस्म के अच्छे परिणाम आए है। बाजरे की विकसित किस्मों का बीज ग्राम घोषित कर किसानों से स्थानीय स्तर पर उत्पादन कराकर बीज की समस्या का स्थाई समाधान संभव है।

तुलछाराम सिंवर, आंदोलन व प्रचार प्रमुख

भारतीय किसान संघ

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