
300 करोड़ की मूंगफली बर्बाद, कपास को भी बड़ा नुकसान
जोधपुर।
जिले में 13-14 नवम्बर को हुई बरसात से मूंगफ ली व कपास की फसल खराब होने से किसानों को 450 करोड़ रुपयों से ज्यादा का सीधा नुकसान हुआ है। गुणवत्ता के साथ ही चारा खराब होने से करीब 300 करोड़ रुपयों की मूंगफली की तैयार फसल बर्बाद हुई है। किसानों द्वारा खेतों में सूखने के लिए रखी गई मूंगफ ली की एक लाख हैक्टेयर में फ सल बर्बाद हो गई, इससे किसानों के मुंह तक आया निवाला छिन गया। वहीं कपास को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि से अरंडी को भी नुकसान पहुंचा है। किसान फ सलों को हुए नुकसान का गंभीरता से सही आंकलन कर मुआवजे के रूप में जहां सरकार से राहत की उम्मीद लगाए हुए है। साथ ही, फ सल की गुणवत्ता खराब होने के कारण समर्थन मूल्य खरीद में तय प्रश्नावली में शिथिलता देने की मांग कर रहे है।
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फ सलें सड़ रही, दर्ज नहीं हो पा रहा बीमा क्लेम
जिले के फलोदी, बाप, लोहावट, देचू, बापिणी, ओसियां, बोरुंदा, पीपाड़ सहित जिले भर में दो दिन से लगतार बेमौसम बरसात के कारण खेतों में सूखने के लिए रखी फ सलें सडऩे लगी है। किसान फ सल बीमा कंपनी से संपर्क कर खराबे की जानकारी देने का प्रयास कर रहे है। लेकिन टोल फ्री नम्बर पर संपर्क नहीं होने से किसानों को क्लेम दर्ज करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बीमे की पॉलिसी तक उपलब्ध नहीं करवाती
सरकार ने प्रधानमंत्री फ सल बीमा योजना के तहत ऋ णी किसानों के लिए फ सल बीमा अनिवार्य किया हुआ है। किसानों के अनुसार, इससे बीमा कंपनी को बिना किसी प्रयास से करोड़ों रुपयों का बीमा प्रीमियम मिल जाता है। इसके बाद कंपनी द्वारा न तो किसानों को फ सल बीमा पॉलिसी दी जाती है न ही फ सल बीमा का क्लेम दर्ज किया जाता है। इससे किसान को हजारों रुपए का प्रीमियम जमा करवाने व फ सल खराबे के बावजूद बीमा क्लेम नहीं मिल पाता है।
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1 लाख हैक्टेयर में नुकसान
कुल रकबा व प्रभावित रकबा लाख हैक्टेयर व नुकसान करोड़ रुपए में
फ सल-- कुल रकबा-- प्रभावित रकबा-- नुकसान
मूंगफ ली--- 1.00 -- 0.70 ---- 305
कपास--- 0.60 -- 0.30 ----- 150
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सरकार से राहत की मांग
जिले में 70 हजार हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मंूगफली व करीब 30 हजार हैक्टेयर में कपास की फ सलें बर्बाद हो गई है। सरकार से मांग की गई है कि सरकार को विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने व मूंगफ ली की खरीद में गुणवत्ता की शिथिलता देकर राहत दिलाइ जाए।
तुलछाराम सिंवर,
आंदोलन व प्रचार प्रमुख
भारतीय किसान संघ,जोधपुर प्रांत
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Published on:
18 Nov 2019 10:14 pm
