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15 दिन बाद एमबीएम कॉलेज में नहीं रहेंगे 38 गुरुजी, सूनी हो जाएगी कई कक्षाएं

MBM Engineering College - केंद्र सरकार की ओर से टेक्यूप प्रोग्राम के तहत तीन साल के लिए भेजे गए थे शिक्षक, 31 मार्च है अंतिम तारीख
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15 दिन बाद एमबीएम कॉलेज में नहीं रहेंगे 38 गुरुजी, सूनी हो जाएगी कई कक्षाएं

15 दिन बाद एमबीएम कॉलेज में नहीं रहेंगे 38 गुरुजी, सूनी हो जाएगी कई कक्षाएं

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एमबीएम इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज में एक पखवाड़े बाद 38 शिक्षक एकदम से कम हो जाएंगे। पढ़ाने के लिए केवल 58 शिक्षक ही बचेंगे। एक साथ चालीस प्रतिशत शिक्षकों के नहीं रहने से कई कक्षाओं में पढ़ाने वाला कोई नहीं होगा। कॉलेज ने इस संकट को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग से वार्ता करके चालीस शिक्षकों को फिक्स वेतन पर लगाने की गुजारिश की है अन्यथा कॉलेज के तीन विभागों को हाल ही में मिली नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) की मान्यता भी खतरे में पड़ जाएगी।
केंद्र सरकार ने भेजे थे ये शिक्षक

देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2017-18 में टेक्निकल एजुकेशन क्वाालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (टेक्यूप)के अंतर्गत देशभर में 1200 शिक्षकों को 3 साल के फिक्स वेतन पर विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगाया था। एमबीएम कॉलेज में 49 शिक्षक भेजे गए, जिसमें से पिछले तीन सालों के दौरान कुछ शिक्षक छोड़ कर अन्यत्र चले गए। वर्तमान में करीब 38 शिक्षक शेष रहे हैं। इसमें सिविल में 6, इलेक्ट्रॉनिक्स में 5, कंप्यूटर साइंस में 5, इलेक्ट्रिकल में 7, मैकेनिकल में 10 और पीएण्डआई में 5 शिक्षक कार्यरत हैं। टेक्यूप प्रोग्राम की अंतिम तिथि पहले 30 सितंबर थी जिसे बढ़ाकर 31 मार्च किया गया था। अब एक पखवाड़े बाद ये सभी शिक्षक हट जाएंगे। इन शिक्षकों को वेतन केंद्र सरकार देती है। टेक्यूप कार्यक्रम बंद होने से प्रदेश के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों की हालत खस्ता हो जाएगी। कक्षाओं के साथ प्रयोगशाला में प्रायोगिक कार्य करवाना भी भारी पड़ेगा।

182 में से 124 पद खाली
एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों के 182 पद हैं। इसमें 24 प्रोफेसर, 44 एसोसिएट प्रोफेसर और 113 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। वर्तमान में 124 शिक्षकों के पद खाली हैं। राज्य सरकार ने कॉलेज को विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने की तो घोषणा कर दी है लेकिन शिक्षक भर्ती को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया।

राज्य सरकार के सहारे पर एनबीए की मान्यता
एमबीएम कॉलेज के इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और पीएण्डआई विभाग को हाल ही में एनबीए की मान्यता मिली है लेकिन यह मान्यता उच्च शिक्षा विभाग की सचिव शूचि शर्मा की ओर दस महीने के लिए तय वेतन पर चालीस शिक्षकों की भर्ती करने की अंडरटेकिंग लिखने के बाद दी गई है। अब एक साथ इतने शिक्षकों के हटने से कॉलेज पर एआईसीटीई की मान्यता खोने का भी खतरा लटक रहा है।

सरकार को लिखा है पत्र
टेक्यूप प्रोग्राम के शिक्षकों के चले जाने के बाद कॉलेज में एक अप्रेल से 124 शिक्षकों की वैकेंसी हो जाएगी। हमने सरकार को चालीस शिक्षक तय वेतन पर लगाने के लिए लिखा है। उम्मीद है ये शिक्षक आते ही कुछ राहत मिल जाएगी।
-प्रो सुनील शर्मा, डीन, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर

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