पश्चिमी राजस्थान में 1275 करोड़ की लागत से बनेंगे 4 रिजरवायर

- जोधपुर, जैसलमेर और बीकानेर के लिए 1100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की होगी व्यवस्था

- इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत 6707 गांवों के लिए 42 परियोजनाएं तैयार

 

By: Avinash Kewaliya

Published: 13 Sep 2021, 09:52 PM IST

जोधपुर।
जल संकट से जूझने वाले पश्चिमी राजस्थान को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने बड़ी सौगात दी है। अगले 33 साल तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 1275 करोड़ रुपए की योजना को स्वीकृति प्रदान की है। योजना के तहत बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर में चार रिजरवायर बनाए जाएंगे। इससे वर्ष 2054 तक पेयजल आपूर्ति की आवश्यकता को पूरा किया जा सकेगा।

पिछले दिनों राज्य सरकार के जलदाय विभाग मंत्री बी.डी कल्ला एवं अधिकारियों ने दिल्ली आकर एक प्रजेंटेशन दिया था। जल जीवन मिशन के लिए 1031 क्यूसेक पानी स्टोर किया जा रहा है, लेकिन इसके लिउए 2132 क्यूसेक पानी की आवश्यकता होगी, जो वर्ष 2054 तक की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति करेगी। इस प्रकार राज्य को 1100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की ज़रूरत है। प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के समीप बीकानेर आरडी 507, बीकानेर आरडी 750, जोधपुर आरडी 1121 और जैसलमेर आरडी 1356 पर इन रिजरवायर के निर्माण की मांग की। इन चार रिजर्ववॉयर की अनुमानित लागत 1275 करोड़ रुपए होगी, जिसे मंजूर कर लिया गया है।

20 लाख घरों को फायदा
राज्य सरकार के प्रजेंटेशन में बताया था कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत 6707 गांवों के लिए 42 परियोजनाएं तैयार की गई हैं, जिनसे 20.87 लाख घरेलू कनेक्शन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। जिसके बाद मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस साल 30 लाख नए जल कनेक्शन

शेखावत ने कहा कि राजस्थान के 101.32 लाख ग्रामीण घरों में से केवल 21 लाख (20.7 प्रतिशत) में नल से जल की सुविधा उपलब्ध है। वर्ष 2020-21 में करीब 6.77 लाख नए कनेक्शन लगाए गए। अब वर्ष 2021-22 में राज्य सरकार ने 30 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2020-21 में राजस्थान को 2,522 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। वर्ष 2021-22 में इसे बढ़ाकर 10,180.50 करोड़ रुपए किया गया है, जिसकी पहली किश्त राज्य सरकार को दी जा चुकी है।

पंचायतों के धन का भी करें इस्तेमाल
शेखावत ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं को 2021-22 में 1,712 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें से 50 प्रतिशत धनराशि जलापूर्ति और स्वच्छता पर खर्च की जानी है। अगले पांच वर्षों तक इस कार्य के लिए 9,032 करोड़ रुपए मिलेंगे। इनका भी सही उपयोग होना चाहिए।

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