6.5 लाख मास्क बांटे, 917 रैलियां और 7 लाख लोगों को जागरूक किया, अब सख्ती ही एकमात्र तरीका

- पिछले दो माह से जनता को जागरूक करने के लिए सरकारी विभाग कर रहे प्रयास

- अब सख्ती से ही निपटना होगा

 

By: Avinash Kewaliya

Updated: 21 Nov 2020, 07:28 PM IST

जोधपुर.

कोविड-19 की भयावह होती स्थितियों में अब अस्पतालों में व्यवस्थाएं बढ़ाने के साथ धरातल पर सख्ती बरतनी जरूरी हो गई है। पिछले दो माह से चल रहे जागरूकता अभियान का पहले तो काफी फर्क पड़ा, लेकिन अब लापरवाही का आलम देखा जा रहा है। ऐसे में आगामी कुछ दिन अधिक सख्ती भरे हो सकते हैं। हालांकि पिछले माह यदि प्रशासन ने जागरूकता के साथ कुछ सख्ती बरती होती तो स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में हो सकती थी।

जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर नगर निगम ने पिछले दो माह में लोगों को जागरूक करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मास्क बांटने के साथ जागरूकता रैलियां और भी कई कार्यक्रम पिछले दो माह में हो रहे हैं। लेकिन जनता पर इसका खास असर होता नहीं दिख रहा। ऐसे में सख्ती बरतना ही विकल्प नजर आ रहा है। बिना मास्क वालों का चालान और जरूरत पड़े तो ज्यादा सख्ती भी बरती जा रही है। हर शहरवासी तक निगम ने मास्क पहुंचा दिया, लेकिन अब डंडे के दम पर ही उसको पहनाना भी होगा।

अवेयरनेस फैक्ट

- 50 दिन से अवेयरनेस अभियान चल रहा।

- 6.5 लाख से ज्यादा मास्क शहर में बांटे जा चुके।

- 917 रैलियां हो चुकी है लोगों को जागरूक करने के लिए।

- 1.38 लाख मकानों-दुकानों पर स्टीकर-पोस्टर चस्पा किए।

- 7.14 लाख लोगों तक अवेयरनेस कार्यक्रम पहुंचा है।

2.22 लाख की पैनल्टी वसूली

नगर निगम ने इस कुछ हद तक चालान भी बनाए हैं। अब तक 2225 लोगों के चालान बना कर 2.22 लाख की पैनल्टी भी वसूल की है। लेकिन यह कार्रवाई पिछले डेढ़ माह में कम हो गई। इसी कारण लोग भी लापरवाह हो गए। अब इसी कार्रवाई को सख्त करने की जरूरत है।

बीच में प्रशासन नहीं दिखा पाया सख्ती

2 अक्टूबर से 10 दिन के जागरूकता अभियान शुरू किया गया। इसके बाद सख्ती का संदेश जिला प्रशासन की ओर से दिया गया था। जिससे कि दीपावली सुरक्षित मनाई जा सके। लेकिन वह सख्ती धरातल पर नजर नहीं आई। इसीलिए दीपावली के बाद उस ढील का असर दिखने लगा है।

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फोटो 244 ::: कोविड-19 प्रबंधन जांचने चिकित्सा केन्द्र पहुंचे कलक्टर

जोधपुर. जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह शनिवार को सीएचसी रेजीडेंसी, कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल के आइडी सेन्टर व मगरा पूंजला स्थित कनीराम सालगराम टाक सेटेलाइट आयुर्वेदिक चिकित्साल में स्थापित पोस्ट कोविड केयर सेन्टर का दौरा करने पहुंचे।
जिला कलक्टर ने कहा कि महात्मा गांधी अस्पताल व मथुरादास माथुर अस्पताल में पोस्ट कोविड केयर क्लीनिक चलाए जा रहे हैं, साथ ही सीएचसी रेजीडेंसी व कमला नेहरू वक्ष अस्पताल के आईडी सेन्टर में भी पोस्ट कोविड केयर क्लीनिक स्थापित होने से लगभग 100 आक्सीजन बैड व 10 आईसीयू बैड की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिला कलक्टर ने कहा कि संक्रमण से ठीक के बाद कई समस्याएं शेष रह जाती है। जिनके निराकरण के लिए आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित पोस्ट कोविड केयर सेन्टर लाभदायक साबित होगा। कुल सचिव आयुर्वेद विश्वविद्यालय सीमा कविया ने वहां दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। सीइओ जिला परिषद डॉ. इन्द्रजीत यादव, सीएमएचओ डॉ. बलवंत मण्डा उपस्थित थे।

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