
शीतला माता मेले में दुकान लगाने आए 61 मजदूर दो माह बाद चूम सकेंगे घर की चौखट
वीडियो : ओम टेलर/जोधपुर. शीतला माता मेले में खिलौने आदि की दुकान लगाने आए 61 मजदूर लॉकडाउन के कारण फंस गए थे। मंगलवार की सुबह उनके लिए खुशियां लेकर आई। नागौरी गेट थाना पुलिस के प्रयास से प्रशासन ने उन्हें भेजने की व्यवस्था की। यहां से रोडवेज की बस से उन्हें पाली तथा आगे पाली डिपो की बस से गुजरात व बिहार भेजने की व्यवस्था की गई। करीब दो माह बाद यह लोग घर जा रहे थे। इस दौरान कईयों की आंखें खुशी से छलक गई तथा जोधपुर पुलिस-प्रशासन का धन्यवाद दिया।
कागा चौक में भरने वाले शीतला माता मेले में खिलौने सहित अन्य सामान की अस्थाई दुकानें लगाने के लिए गुजरात, बिहार से कई जने 10 मार्च को जोधपुर आए थे लेकिन कोरोना के चलते लॉकडाउन होने से मेला स्थगित हो गया तथा आवागमन के साधन भी बंद हो गए थे। ऐसे में 61 जने यहां फंस गए। इनको दो वक्त के भोजन के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिस पर नागौरी गेट थाना पुलिस ने इनके भोजन की व्यवस्था भी करवाई लेकिन इनको नहाने, धोने आदि की भी समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
नौ मार्च को यह लोग नागौरी गेट थाना गए तथा थानाप्रभारी जब्बरसिंह के सामने कैसे भी कर घर पहुंचाने की गुहार लगाई। जिस पर उन्होंने इनका ऑनलाइन रजिस्टे्रशन करवाया। मामला प्रसंज्ञान में आने पर एडीएम थर्ड अंजुम ताहिर ने नागौरी गेट थानाप्रभारी को कॉल कर इन लोगों का मेडिकल चेकअप करवाकर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेने की बात कही। सारी कागजी कार्रवाई पूरी होने पर मंगलवार सुबह गुजरात के 50 व बिहार के 11 लोगों को रोडवेज की बस से पाली भेजा गया जहां से पाली डिपो की बस से उन्हें गुजरात व बिहार भेजने की व्यवस्था की गई।
पत्रिका ने उठाई थी इनकी आवाज
राजस्थान पत्रिका ने 10 मई के अंक में 'साहब, दो माह से यहां बैठे हैं घर जाने की व्यवस्था करवा दो' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। मामला प्रशासन के प्रसंज्ञान में आने पर उन्होंने इनको घर पहुंचाने की व्यवस्था करवाई।
Published on:
13 May 2020 02:00 pm
