
कोरोनाकाल में महफूज है 65 से 98 साल के 84 बुजुर्गों का 'आस्थाÓ परिवार
नंदकिशोर सारस्वत
जोधपुर. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए देश भर की विभिन्न कॉलोनियों बस्तियों में जहां क्षेत्र के लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर नियम कायदे तय किए वहीं जोधपुर के पाल रोड दिग्विजय नगर स्थित आस्था वृद्धाश्रम में कोरोना महामारी में सर्वाधिक खतरे की अवस्था वाले 65 से 98 साल के 84 बुजुर्गों का 'आस्थाÓ परिवार अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरी तरह महफूज है। आस्था वृद्धाश्रम के संचालक राजेंद्र परिहार ने बताया कि आश्रम में चिकित्सक के अलावा किसी को भी प्रवेश की इजाजत बिल्कुल भी नहीं है। यहां तक दानदाताओं को भी बाहर से ही सामग्री देने और बुजुर्गों की सेवा में लगे 24 लोगों के स्टाफ को भी घर जाने की इजाजत भी नहीं दी गई है। घरेलू गैस सहित सभी आवश्यक खाद्य सामग्री, फल आदि चीजो की आपूर्ति करने वालो का भी प्रवेश निषेध रखा गया है। आश्रम की पूरी गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है।
बदल गई सुबह की सैर और खुराक
आस्था सीनियर सिटिजन होम में लॉकडाउन से पहले ही हमने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी थी। सभी आश्रम के बुजुर्ग के सदस्यों का मनोबल बढ़ाने अध्यात्म से जुड़े कार्यक्रम, धार्मिक पुस्तकालय, फिटनेस के लिए फिजियोथेरेपी सेन्टर और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फल और चिकित्सीय निर्देशानुसार आयुर्वेदिक काढ़ा, हल्दी दूध दिया जा रहा है। मनोरंजन के लिए पुरानी फिल्में गीत संगीत की व्यवस्था की गई है। नतीजतन अभी तक ईश्वरीय कृपा से आज तक एक भी सदस्य बीमार नही हुआ। कोरोनाकाल में सदस्यों की भोजन व्यवस्था तीन अलग अलग पारियों में कर दी गई है। आश्रम के नजदीक अशोक उद्यान में सुबह बुजुर्गों की सैर भी अब पूरी तरह बंद करने के बाद परिसर में कर दी गई है। ्
Published on:
15 Jun 2020 09:50 pm
