
खींचन में हफ्ते भर पहले ही गूंजने लगी कुरजां की कुर्रकुराहट
जोधपुर / फलोदी पत्रिका . चार माह बाद कुरजां एक बार फिर खीचन की सरजमीं पर उतरने लगी है । गुरुवार को कुरजां के आगमन का सन्देश लेकर उतर चुकी है और चुग्गाघर में चुग्गा लेने के साथ कुर्रकुराहट कर यहां के वाशिंदों को अपनी पहुंच का समाचार दे रही है । कुछ कुरजां गांव के अपर मंडरा रही है । मंगोलियां , कजाकिस्तान , पाकिस्तान के रास्ते कुरजां का पहला दल खीचन के चुग्गा घर में उतरा और अपनी भूख शांत कर आराम किया ।
जानकारों के अनुसार खीचन स्थित चुग्गाघर में पहली बार कुरजां उतरी है , हर बार पहले तालाब पर उतरती है । इस बार पश्चिमी राजस्थान में तालाबों के सूखा होने और हरियाली का अभाव होने से कहीं भोजन नहीं मिल सका । ऐसे में इस बार कुरजां का दल एक सप्ताह
पहले ही खीचन पहुंच गया और तालाब की बजाए चुग्गाघर पर पहला पड़ाव स्थल बनाया । उम्मीद है कि अब एक सप्ताह में खीचन की आबोहवा में कुरजा की कुर्रकुराहट से गूंज उठेगी और कुरजां का दीदार करने वालों का भी तांता लगने लगेगा ।
चुग्गाघर में उतरी कुरजां
खींचन गांव स्थित चुग्गाधर में कुरजां उतरी है , तो कुरजां का दल की वादिया कुरजां की कुर्रकुराहट से गुलजार होगी । सेवाराम माली , कुरजा सेवक , खीचन
एक सप्ताह पहले दस्तक
हर साल सितम्बर के पहले सप्ताह में कुरजां खीचन पहुंचती है , लेकिन इस बार एक सप्ताह पहले कुरजां ने खीचन में उतरी है । इससे पहले आठ साल पहले 29 अगस्त 2013 को कुरजां ने इसी माह में खीचन में लैण्ड किया था । अब कुरजां मार्च तक यहीं प्रवास करेगी ।
डॉ . भागरीथ सोनी , वन्यजीव चिकित्सक व कुरजां विशेषज्ञ
Published on:
27 Aug 2021 11:27 am
