
लोकपर्व बछ बारस : आओ रे म्हारा हंसराज - बच्छराज ...
जोधपुर .मां के वात्सल्य का प्रतीक व गो - संवर्द्धन से जुडा लोकपर्व बछ बारस मंगलवार को उल्लास के माहौल में पारम्परिक ढंग से मनाया गया । शहर के हर गली, मोहल्लों व कॉलोनियों में माताओं ने बछड़े वाली गायों का सामूहिक पूजन कर पुत्र - पौत्रों की आरती की । बच्चों को तिलक लगाकर लड्डू खिलाया व उनकी खुशहाली, समृदि्ध और दीर्घायु होने की प्रार्थना की । कोविडकाल के बाद मनाए गए लोकपर्व के प्रति महिलाओं में विशेष उत्साह नजर आया। गौशालाओं में भी बछड़े वाली गायों का विशेष पूजन किया गया । गायों को बाजरे से निर्मित बाटियों एवं जल में भीगे मूंग - मोठ चने व मिष्ठान खिलाकर वस्त्र समर्पित किए। घरों में परम्परानुसार चाकू के कटी सब्जियों एवं गेंहू की रोटियों के बजाए बाजरे की रोटी एवं अंकुरित मूंग मोठ चने मिश्रित सब्जी का सेवन किया गया । महिलाओं ने बछ बारस महात्म्य से जुड़ी पौराणिक कथाओं का श्रवण किया ।
बच्चों ने माता के चरण छूकर लिया आशीर्वाद
बछ बारस के उपलक्ष में घरों के बाहर गोबर से निर्मित जलकुंड का पूजन कर आओ रे म्हारा हंसराज - बच्छराज ... कहकर बच्चों को पूजन स्थल पर बुलाकर रक्षा सूत्र के रूप में मोळी बांधी । बच्चों ने भी मां के चरण छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया । ।
Published on:
24 Aug 2022 04:04 pm
