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लवली कण्डारा एनकाउंटर : तत्कालीन थानाधिकारी व अन्य पर हत्या-साक्ष्य मिटाने का आरोप

- लवली कण्डारा एनकाउंटर प्रकरण- कोर्ट में इस्तगासे के 16 माह बाद दर्ज की एफआइआर

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लवली कण्डारा एनकाउंटर  : तत्कालीन थानाधिकारी व अन्य पर हत्या-साक्ष्य मिटाने का आरोप

लवली कण्डारा एनकाउंटर : तत्कालीन थानाधिकारी व अन्य पर हत्या-साक्ष्य मिटाने का आरोप

जोधपुर।
बहुचर्चित नवीन उर्फ लवली कण्डारा एनकाउंटर मामले में रातानाडा थाने में तत्कालीन थानाधिकारी लीलाराम व अन्य के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने की एफआइआर दर्ज की गई है। कोर्ट में इस्तगासा पेश होने के 16 महीने बाद पुलिस ने यह मामला दर्ज किया। उधर, वाल्मिकी समाज ने एक बार फिर मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। (Lovely kandara encounter)
पुलिस के अनुसार 13 अक्टूबर 2021 को हमले में वांछित नवीन उर्फ लवली कण्डारा का तत्कालीन थानाधिकारी लीलाराम ने पीछा किया था। कार में सवार युवकाें ने पुलिस पर फायरिंग की थी। बनाड़ रोड पर डिगाड़ी फांटा तिराहे पर जवाबी फायरिंग में लवली कण्डारा की मौत हो गई थी।
इस संबंध में परिजन ने हत्या व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाकर कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था। सुनवाई के बाद इस्तगासे के आधार पर एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की। अब 17 महीने बाद पुलिस ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है।
दो थानाधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने लिया था संज्ञान
कोर्ट ने दो दिसम्बर 2021 को पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के आदेश देकर इस्तगासा रातानाडा थाने भेजा था, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। परिवादी नरेश कण्डारा ने तत्कालीन थानाधिकारी मूलसिंह व भारत रावत के खिलाफ आदेशों की अवज्ञा करने के संबंध में कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया था। इस पर दोनों तत्कालीन थानाधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने प्रसंज्ञान लिया था।
एक बार फिर सीबीआइ जांच की मांग
एनकाउंटर होने के बाद पुलिस ने बनाड़ थाने में फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के संबंध में लवली कण्डारा व साथियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। वाल्मिकी समाज ने एनकाउंटर की जांच सीबीआइ से करवाने की मांग की थी। जांच सीआइडी सीबी को सौंपी गई थी। जो अभी तक लम्बित है। अब एक बार फिर वाल्मिकी समाज ने इस्तगासे से दर्ज एफआइआर की सीबीआइ से जांच करवाने की मांग की है। ऐसा न करने पर सफाई कर्मचारियों की झाड़ू डाउन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।