
fake marriage case, fake marriage gang, looteri dulhan, looteri dulhan gang, jodhpur crime news, jodhpur news, jodhpur news in hindi
जोधपुर. चानणा भाखर की करणी कॉलोनी में नब्बे हजार रुपए लेकर एक युवक से शादी की साजिश रचकर धोखाधड़ी करने वाली दोनों महिलाएं व युवक मध्यप्रदेश के इंदौर में किराए पर रहते थे। इस दौरान तीनों में जान पहचान हो गई थी और आपस में मिलकर कुंवारे युवक व लोगों से रुपए के बदले शादी कराने का धंधा शुरू कर दिया। महिला व शादी करने वाली युवती आपस में मां-बेटी न होकर सिर्फ दोस्त हैं। आरोपियों से मिले आधार कार्ड भी फर्जी प्रतीत हो रहे हैं।
प्रतापनगर थाने के उप निरीक्षक मुकनदान के अनुसार प्रकरण में गिरफ्तार इंदौर (एमपी) निवासी लक्ष्मी विश्वकर्मा पत्नी हंसराज, पूजा व शेखर देवड़ा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों महिलाओं को दो-दो दिन और शेखर को तीन दिन के लिए रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए। आरोपियों से पूछताछ चल रही है। फिलहाल आरोपी यह नहीं बता रहे हैं कि अब तक उन्होंने कितने लोगों से ठगी की है।
करणी कॉलोनी निवासी जगदीश वैष्णव की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तब लक्ष्मी ने पूजा को अपनी पुत्री और शंकर को रिश्ते में भाई बताया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में स्पष्ट हो गया था कि तीनों आपस में सिर्फ दोस्त हैं। लक्ष्मी व पूजा मां-बेटी नहीं हैं। तीनों आरोपी कुछ समय पहले इंदौर में पास ही किराए पर रहते थे, जहां तीनों में मित्रता हो गई। उन्होंने पूजा की शादी कुंवारे लोगों से कराने के नाम पर रुपए कमाने का धंधा शुरू करने का निर्णय किया।
किसके माध्यम से पहुंचे थे जोधपुर?
पुलिस का कहना है कि इंदौर में रहने के दौरान तीनों ने ठग गिरोह बनाया और फिर जोधपुर आए थे। झालामण्ड चौराहे के पास उन्हें एक व्यक्ति मिला था। जिसके माध्यम से उनका सम्पर्क जगदीश वैष्णव से हुआ था। फिर दोनों ने 15 नवम्बर को नब्बे हजार रुपए के बदले पूजा की शादी जगदीश के पुत्र दीनदयाल से कराई थी, लेकिन तीसरे ही दिन लक्ष्मी व शेखर देवड़ा पैंतालिस हजार रुपए और बकाया बताकर पूजा को घर से ले गए थे। तीनों आरोपी किसके मार्फत जोधपुर पहुंचे थे इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
Updated on:
19 Nov 2018 11:14 am
Published on:
19 Nov 2018 11:14 am
