
लडक़ा नहीं होने पर दो पुत्रियां की मां को घर से निकाला, पति की जमानत खारिज
जोधपुर. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट(आर्थिक अपराध) राकेश गोयल ने लडक़ा नहीं होने का ताना देने तथा दहेज के लिए प्रताडि़त करने के आरोपी पति को जमानत देने से इंकार करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले के अनुसार सूरसागर क्षेत्र निवासी माया का विवाह चार वर्ष पूर्व ललित से हुआ, आरोप के अनुसार पहली लडक़ी होने पर पति तथा ससुराल वालों ने पीहर से दो लाख रुपए की डिमांड की,
गत 9 महीने पहले दंपति के एक लडक़ी और होने पर ससुराल पक्ष द्वारा पांच लाख रुपए की डिमांड की गई तथा लडक़ा नहीं होने का दोष देते हुए दोनों अबोध बच्चियों तथा पत्नी को घर से बेदखल कर दिया। पीडि़ता ने महिला थाना पश्चिम में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।महिला पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए, 406 तथा 323 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। आरोपी के अधिवक्ता की ओर से मामले को झूठा बताते हुए जमानत का निवेदन किया।
परिवादिया माया के अधिवक्ता कपिल मोहनानी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ दहेज प्रताडऩा, मारपीट तथा पुत्र-पुत्री में भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगे हैं।आरोपी ने बेटा नहीं होने पर पत्नी को घर से बेदखल कर दिया, जबकि आज के समय में बेटा बेटी में भेदभाव करना गंभीर अपराध है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की पति की जमानत याचिका खारिज कर दी।
Updated on:
19 Sept 2020 08:56 am
Published on:
19 Sept 2020 08:56 am
