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मारवाड़ समारोह का समापन स्थल : अमृतसर हादसे के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा सबक

ओसियां (जोधपुर). मारवाड़ समारोह का समापन रविवार को यहां हादसे की आशंका के साये में ही होगा।
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Administration not serious even after Amritsar accident

मारवाड़ समारोह का समापन स्थल : अमृतसर हादसे के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा सबक

ओसियां (जोधपुर). मारवाड़ समारोह का समापन रविवार को यहां हादसे की आशंका के साये में ही होगा। जबकि प्रशासन को इस कार्यक्रम स्थल पर हादसे की आशका भी है। फिर भी प्रशासन द्वारा कार्यक्रम स्थान तय कर तैयारियां शुरू कर दी है।

पिछले वर्ष अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुए टे्रन हादसे के बाद ओसियां में भी लोगों को खतरे का डर सता रहा है। यहां हर साल होने वाले मारवाड़ समारोह का समापन स्थल रेललाइन से उसी तरह सटा हुआ है, जिस तरह अमृतसर में रावण दहन कार्यक्रम स्थल रेललाइन से सटा हुआ था।

इसमें पटाखों की आवाजों के बीच टे्रन आने से हादसा हो गया था। ओसियां में भी हादसे की आशंका देखते हुए प्रशासन को कार्यक्रम का स्थान परिवर्तित करना चाहिए था लेकिन इस बार भी स्थान परिवर्तित नहीं किया गया। जबकि स्थानीय लोग स्थान परिवर्तित करने की मांग कर रहे हैं।

हादसे की आंशका के चलते पिछले वर्ष भी कार्यक्रम में लोगों की संख्या कम ही रही। समापन समारोह रविवार रात्रि को ओसियां के खोखरी स्थित रेतीले धोरों की सरहद में होगा। जिस स्थान पर यह समापन समारोह होता है वहां पास से ही रेललाइन है। रेलवे के दो टै्रक हैं। यहां गोलाई होने की वजह से जोधपुर की तरफ से आने वाली टे्रन नजर नहीं आती एवं आतिशबाजी के बीच लोगों को टे्रन की आवाज सुनाई नहीं देती हैं।

रेलवे क्रॉसिंग प्वाइंट फाटक एक किनारे होने से हजारों की संख्या में दर्शक एक साथ फाटक की बजाय रेललाइन पार करके ही आते जाते हैं। कार्यक्रम अवधि के दौरान यहां से कई मालगाडिय़़ां एवं सवारी गाडिय़ां गुजरती हैं। ज्ञात रहे कि पिछले वर्ष 19 अक्टूबर को अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास दशहरे के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था।

रावण दहन के बीच ही अप टै्रक पर जालधंर-अमृतसर डीएमयू आ गई। इसी टे्रक पर करीब 400 लोगों की भीड़ जमा थी। दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण टे्रन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। जिससे टे्रन कई लोगों को कुचलते हुए निकल गई थी।

इन्होंने कहा

रेलवे लाइन होने से हादसा होने की आंशका बनी रहती है। जगह सुरक्षित नहीं है, लेकिन कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है , अब जगह परिवर्तित करना असंभव है। सुरक्षा के लिए पुलिस जाब्ता तैनात कर बैरीकेड्स लगाए जाएंगे।

भानुप्रताप सिंह, उपनिदेशक, पर्यटन विभाग जोधपुर

मैं कार्यक्रम की जगह परिवर्तित करने में सहमत हूं, लेकिन जगह परिवर्तित करना पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन तय करेगा।

रतनलाल रेगर, उपखण्ड अधिकारी ओसियां

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