9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भामाशाह और शिक्षक के प्रयास रंग लाए, इतने बच्चे शिक्षा से जुड़े

ग्राम देवातड़ा में स्थानीय भामाशाह एवं सरकारी शिक्षक के संयुक्त प्रयासों से घुमंतू जाति के जरूरतमंद परिवार के 7 बच्चों को शिक्षा से जोड़ा है।
less than 1 minute read
Google source verification
Admitted needy children to school

भामाशाह और शिक्षक के प्रयास रंग लाए, इतने बच्चे शिक्षा से जुड़े

पीपाड़ सिटी (जोधपुर) . निकटवर्ती ग्राम देवातड़ा में स्थानीय भामाशाह एवं सरकारी शिक्षक के संयुक्त प्रयासों से घुमंतू जाति के जरूरतमंद परिवार के 7 बच्चों को शिक्षा से जोड़ा है। जगदीश भील तथा तेजाराम भील गांव-गांव परिवार संग सारंगी वादन कर अपना गुजारा करते हैं। इनकी पीढिय़ों से कोई शिक्षा से नहीं जुड़ पाया है।

ऐसी स्थिति में मासूम बच्चे भी अपने माता-पिता संग भरी दोपहर में गांव-गांव फिरने को मजबूर थे। भामाशाह जब्बरसिंह भाटी ने इस दृश्य को देखा तो बच्चों को शिक्षा से जोडऩे के लिए अपने स्तर पर ही प्रयास किए। भाटी ने परिजनों के साथ समझाइश की। उन्होंने नजदीकी सरकारी स्कूल राप्रा उत्कृष्ठ विद्यालय इंडिया बेरा के शिक्षक राजूराम देवासी से संपर्क कर बच्चों का नामांकन स्कूल में करवाया। स्कूल नामांकन के उपरांत भामाशाह भाटी ने बच्चों को स्कूल ड्रेस,बैग, किताबें तथा अन्य जरूरी सामान दिलवाया । प्रथम दिन स्कूल पहुंचने पर सभी बच्चों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

अन्य परिवारों ने भी सीख ली

भील परिवार की इस मुहिम से सबक लेते हुए समीप ही चौकीदार समाज के लोगों ने भी इस मुहिम का स्वागत करते हुए अपने चार मासूम बच्चों को भी स्कूल भेजने का निर्णय किया।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग