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सेवानिवृति के बाद भी जुड़े है शिक्षण से

  पत्रिका न्यूज नेटवर्क फलोदी. मूलत: फलोदी निवासी शिक्षक शिवकिशन एच बिस्सा ८१ वर्ष की आयु के बावजूद आज भी शिक्षा के क्षैत्र से जुड़कर शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई दिशा दे रहे हैं। दरअसल बिस्सा मूलत: फलोदी निवासी है, लेकिन उन्होंने अपने शिक्षण व स्कूल प्रशासन के क्षेत्र में अपने हुनर का प्रदर्शन भारत के महानगर मुंबई में किया। वे मुंबई महानगर पालिका के विद्यालय में ३४ वर्ष की सेवाएं देने के बाद प्रधानाध्यापक के पद सेवानिवृत हुए। सेवानिवृति के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को नहीं छोड़ा और आज मुंबई से मिले शिक्षा क्षेत्र के अनुभवों के आधार पर फलोदी में शिक्षकों व विद्यार्थियों को मार्गदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि बिस्सा एक शिक्षक होने के साथ ही लेखक, कवि और साहित्यकार भी है।
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shivkishan h bissa

फलोदी . शिवकिशन एच बिस्सा

एनसीईआरटी ने भी किया था सम्मानित-

एनसीईआरटी नई दिल्ली द्वारा बिस्सा को बच्चों में नैतिक मूल्यों, देश भावना, शैक्षणिक गतिविधियों, अध्यापन कार्य को रूचिकर बनाने, प्रतिभा विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। बिस्सा को महाराष्ट्र सरकार द्वारा एसएस अवॉर्ड, स्व. इंदिरा गांधी सम्मान, नवीन राष्ट्रीय शिक्षण उद्बोधन वर्ग सम्मान, एमपी के सीएम द्वारा प्रशस्ति पत्र, मुंबई मेयर द्वारा सर्वाेत्तम शिक्षक गौरव पुरस्कार, महाराष्ट्र विद्यापीठ, दी लॉयन्स क्लब ऑफ बोरिवली द्वारा बेस्ट टीचर अवॉर्ड, साधना एज्युकेशन रिसर्च ट्रैनिंग कॉलेज मुंबई द्वारा बींग एण्ड आऊट स्टेण्डिंग अवॉर्ड, फलोदी एडीएम, एसडीएम द्वारा उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। साथ ही कई संगठनों द्वारा समाज सेवा, वृक्षारोपण, स्वच्छता, आपदा राहत कोष सहित कई क्षेत्रों में सम्मानित किया जा चुका है। बिस्सा की शिक्षा से जुड़ी रचनाएं कई पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है तथा उन्होंने बच्चों को वाचनालय में पढऩे के लिए प्रेरित भी किया।

अब फलोदी में कर रहे हैं मार्गदर्शन-

सेवानिवृत होने के बाद बिस्सा को मुंबई में अपने सेवाकाल के दौरान प्राप्त हुए शिक्षा से जुड़े अनुभवों के आधार पर अब फलोदी के विद्यालयों में जाकर वहां अध्यापन करने वाले शिक्षकों का मार्गदर्शन करते है। साथ ही विद्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अपने ओजस्वी शब्दों के माध्यम से विद्यार्थियों प्रेरित भी करते हैं। (निसं)

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