
प्याज के बाद अब लहसुन निकाल रहा किसानों के आसूं
जोधपुर.
किसानों को लहसुन व प्याज का बाजार भाव लागत से ही कम मिल रहा है। इससे किसानों को आगामी फसल की बुआई अटकने की चिन्ता सता रही है। बाजार भाव पूरा नहीं मिलने से कई किसानों का लहसुन व प्यास घरों व खेतों में पड़ा है। कुछ किसान औने-पौने दाम में अपने पसीने की कमाई बेचने को मजबूर है। किसानों की परेशानियों को लेकर भारतीय किसान संघ की जिला बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा के बाद जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर ज्ञापन कार्यक्रम तय किया गया।
प्रांत प्रचार प्रमुख तुलछाराम सिंवर ने बताया कि बैठक में किसानों ने जिले के बाप क्षेत्र में बरसात व कई दिन बादल छाए रहने से जीरे की फ सल खराबे व आने वाली फ सल प्याज व लहसुन के बाजार भाव लागत से बहुत कम होने पर चिंता व्यक्त की। किसानों ने जीरे में खराबे का सर्वे कर मुआवजा दिलाने व प्याज-लहसुन पर भावान्तर लागू कर किसानों को फ सल उत्पादन लागत से हो रहे नुकसान की क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर जिले की सभी तहसील मुख्यालय पर बुधवार को ज्ञापन देना तय किया। इस दौरान संगठन द्वारा जिले में रसायनमुक्त कृषि के संकल्प के तहत आइसीआर गाजियाबाद द्वारा इजाद दिकम्पोजर वितरण कर जैविक कृषि प्रसार का संकल्प लिया गया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष माणकराम परिहार, जिलाध्यक्ष नरेश व्यास, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामनारायण जांगू, उपाध्यक्ष गोरधनराम सियाग सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रो राठौड़ का सम्मान-
संघ की जिला इकाई की ओर से सुखाडि़या विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर नरपतसिंह राठौड़ का सम्मान किया गया। राठौड़ ने तैयार प्रोजेक्ट जिसमें रावी-सतलज-व्यास नदी के बरसाती जल व यमुना को लूणी नदी से जोधपुर को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए सर्वे प्लान तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट को भारतीय किसान संघ ने अभियान के रूप में लेकर प्रोजेक्ट शुरू करवाने के लिए सरकार के समक्ष मजबूती से मांग उठाने का निर्णय लिया।
Updated on:
05 Mar 2019 11:31 pm
Published on:
05 Mar 2019 11:31 pm
