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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. अगर आप यह सोचते हैं कि परीक्षा में तुक्का लगाकर पास हो जाएंगे तो आपका यह अंदाजा कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर की ओर से आयोजित कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा में बिल्कुल सटीक बैठ सकता है। परीक्षा के प्रश्न पत्र में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में से 72 प्रश्नों का उत्तर का सही विकल्प 'ए' था। यदि किसी ने आंख बंद करके भी विकल्प 'ए' पर टिक किया है तो उसके परीक्षा में सफल होने की संभावनाएं बढ़ गई है। मेहनती परीक्षार्थी इस पर्चे को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रश्न पत्र में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए पेपर सैटर्स और परीक्षा नियंत्रक के बारे में जांच की मांग की है।
शनिवार को जारी हुई आंसर की
विवि ने 24 अक्टूबर 2017 को विवि में अशैक्षणिक पदों पर भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें कृषि पर्यवेक्षक के 11 पद थे। योग्यता 12वीं कृषि संकाय उत्तीर्ण रखी गई। एेसे में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों से भी सैंकड़ों परीक्षार्थियों ने आवेदन किया। परीक्षा 29 जुलाई को आयोजित की गई। परीक्षा बहुविकल्पीय थी, जिसमें 100 प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प थे। परीक्षार्थी को किसी एक सही विकल्प पर टिक करना था। पूर्णांक 400 अंक का था यानी प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक निर्धारित थे। नकारात्मक उत्तर के लिए एक अंक काटा गया। प्रश्न पत्र की ए, बी, सी, डी चार सीरिज थी। चारों ही सीरिज में सभी 100 प्रश्नों में से 72 प्रश्नों का सही उत्तर 'ए' विकल्प था। प्रश्न पत्र की सीरिज ए की बात करें तो केवल 9 प्रश्न का सही उत्तर 'डी' विकल्प, 13 प्रश्न का उत्तर 'सी' विकल्प और 9 प्रश्न का उत्तर 'बी' विकल्प था। इसकी आंसर की एक दिन पहले 18 अगस्त को ही विवि ने अपनी वेबसाइट पर जारी की है, जिसे देखकर कई परीक्षार्थी भौंचक्के रह गए।
प्रश्न पत्र सैटर्स बनाता है आंसर की
परीक्षार्थियों का कहना है प्रश्न पत्र सैटर्स ही प्रश्न पत्र तैयार करते समय उसकी उत्तर कुंजी तैयार करता है। वह ही प्रश्नों के विकल्प आगे-पीछे करता है।
जांच करेंगे
इस मामले में सोमवार को परीक्षा नियंत्रक और पेपर सैटर्स से बात की जाएगी। उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
डॉ. सीताराम कुमार, तत्कालीन रजिस्ट्रार (अतिरिक्त निदेशक, रिसर्च), कृषि विवि जोधपुर
Published on:
20 Aug 2018 12:43 pm
