आर्मी साइक्लोथॉन: भारत-पाक 1971 युद्ध में फिर याद आई परबत अली की कहानी

India-Pakisthan 1971 War

 

By: Gajendrasingh Dahiya

Published: 30 Nov 2020, 07:52 PM IST

जोधपुर. भारत-पाक में 1971 के मध्य हुए युद्ध की विजय की स्वर्णजयंती वर्ष के मौके जोधपुर स्थित आर्मी की कोणार्क कोर की ओर से आयोजित साइकिल रैली ने सोमवार को बाड़मेर के जालिपा से लेकर मझलार तक का 220 किलोमीटर का सफर तय किया।
सेना के गोल्डन कटार वॉरियर्स की 20 साइकिल चालकों की टीम को 1971 के युद्ध में बेहतरीन भूमिका निभाने वाले सूबेदार मेजर सगत सिंह (सेवानिवृत्त) ने हरी झंडी दिखाई। साइक्लोथॉन 26 नवंबर से शुरू हुआ जो 1971 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसे विभिन्न टीमों द्वारा कई अलग-अलग स्ट्रेच में कवर किया जा रहा है। कच्छ में बॉर्डर पिलर 1175 से शुरू हुआ साइक्लोथॉन 5 दिसंबर को जैलसमेर के लोंगेवाला में अपने अभियान का समापन करेगा।

बाड़मेर में शहीदों का श्रद्धांजलि

साइक्लोथॉन टीम ने बाड़मेर में शहीद चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद रामसर और गडरा कस्बों में गई, जहां स्थानीय लोगों को कोविड-19 के बारे में जागरुक किया गया। मास्क वितरित किए गए। बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज व मिठाई दी गई। 1971 के युद्ध की कहानी और बलिदान युवाओं के साहस व पराक्रम दोहराया गया। इसके बाद टीम मुनाबाव पहुंची। यहां 1971 में दुश्मन इलाके के अंदर 60 किमी और ओपी कैक्टस लिली के तहत परबत अली नामक एक बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। यहां कब्जा करने से पाक का महत्वपूर्ण शहर नया चोर खतरे में पड़ गया। इस तरह भारतीय सेना की जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ।

Gajendrasingh Dahiya Reporting
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