अब बोलते ही गैजेट्स शुरू करेंगे काम, कई वॉयस असिस्टेंस गैजेट्स सर्च इंजन पर मददगार

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने वॉइस कमांड से कई गैजेट्स को आसान बनाया है। हमारी रोजमर्रा की दिनचर्या में काम आने वाले कई उपकरणों को असिस्टेंस के रूप में उपयोग किया जाने लगा है। इसमें स्मार्ट लाइटिंग, इलेक्ट्रिक फिटिंग के साथ स्पार्ट स्पीकर पिछले कुछ माह में काफी उपयोग में आने लगे हैं।

अविनाश केवलिया/जोधपुर. हम वॉइस कमांड देते हैं और कमरे की लाइट शुरू हो जाती है। वॉटर हीटर और सीसीटीवी कैमरे भी ऑन-ऑफ किए जा सकते हैं। इसके अलावा गूगल जैसे अन्य सर्च इंजन पर भी आवाज के आधार पर कमांड देने की प्रक्रिया काफी बढ़ी है। घरों में ऐसे कई गैजेट्स हम देख सकते हैं जो वॉइस कमांड पर चलते हैं। इनका पिछले कुछ समय में यूथ में प्रचलन भी काफी बढ़ा है। पेश है इस पर एक रिपोट...

एआई ने बनाया सुगम
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने वॉइस कमांड से कई गैजेट्स को आसान बनाया है। हमारी रोजमर्रा की दिनचर्या में काम आने वाले कई उपकरणों को असिस्टेंस के रूप में उपयोग किया जाने लगा है। इसमें स्मार्ट लाइटिंग, इलेक्ट्रिक फिटिंग के साथ स्पार्ट स्पीकर पिछले कुछ माह में काफी उपयोग में आने लगे हैं।

हमारे शब्दों पर चलते हैं गैजेट्स
हमारे द्वारा बोले गए शब्दों को सुनकर कई तरह के काम कर सकते हैं जैसे कि लाइट्स ऑन और ऑफ करना , हमारा पसंदीदा गाना चलाना, हमारे द्वारा पूछे गए किसी सवाल का उतर देना या फिर ऑनलाइन आर्डर देना। ये सभी काम वॉइस असिस्टेंस के रूप में किया जा सकता है। घरेलू के साथ व्यावसायिक उपयोग वॉइस असिस्टेंस जैसे-जैसे प्रचलित होगा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग और ज्यादा बढ़ेगा। इस प्रकार के गैजेट्स का उपयोग घरेलू उपकरणों के साथ ही व्यावसायिक में भी काफी बढ़ सकता है।

वॉइस कमांड व एआई का सर्वाधिक उपयोग
- ऐसी लैब जहां ग्लव्स पहन कर काम किया जाता है और कोई बटन दबाने के साथ बार-बार कमांड देना पड़ता है तो वह वॉइस के जरिये हो सकता है।
- बिजनेस मीटिंग में फैक्ट को चेक करने के साथ ही अगली मीटिंग की तारीख सेट करना और टू-डू लिस्ट भी बनाई जा सकती है।
- किसी को कॉल करना, किसी रेस्टोरेंट में टेबल बुक करना, अपॉइंटमेंट लेना जैसे कार्य इस तकनीक से किए जा सकते हैं।
- ऑटोमोबाइल कम्पनीज इसका काफी उपयोग कर रही है। वॉइस कमांड पर पूरी कार या दुपहिया वाहन को गाइड किया जा सकता है।

इन पर है निर्भरता
- एलेक्सा स्मार्ट स्पीकर पर निर्भरता है।
- माइक्रोसॉफ्ट कॉर्टोना का चलन विदेशों में काफी, भारत में अभी प्रचलित नहीं हुआ है।
- गूगल असिस्टेंस का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है।
- एपल सिरि डिवाइस भी गूगल को टक्कर देती है।

एक्सपर्ट की नजर में वॉइस कमांड की मेरिट व डी-मेरिट्स
वॉइस कमांड हमारी लाइफ को आसान बना देते हैं। लेकिन इसके उपयोग में कुछ सावधानियां रखने की भी आवश्यकता है। कई बार हमारे कमांड और निजी जानकारियां ऐसे स्पीकर्स में सेव भी हो जाती है। इस तकनीक का उपयोग आने वाले दिनों में काफी बढ़ेगा।
- जितेन्द्र वैष्णव, आईटी एक्सपर्ट

इस तकनीक का उपयोग आईटी सेक्टर व सोशल मीडिया में काफी बढ़ गया है। कई यूथ इसका उपयोग करते हैं। हर घर में आज स्मार्ट स्पीकर मिल जाएंगे।
- मोहित वैष्णव, सोशल मीडिया एक्सपर्ट

Harshwardhan bhati Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned