
गहलोत सरकार पेश करने जा रही है बजट, मारवाड़ के इन प्रोजेक्ट्स की है धरातल पर सच होने की उम्मीद
अविनाश केवलिया/जोधपुर. प्रदेश की सरकार अपना वर्ष 2020-21 का बजट पेश करने जा रही है। गहलोत सरकार 3.0 से इस बार जोधपुर और पूरे मारवाड़ को काफी उम्मीदें हैं। यह सरकार का दूसरा बजट होगा। इससे पहले जुलाई में जो बजट पेश किया गया था उसमें जोधपुर को एलिवेटेड रोड, राजीव गांधी लिफ्ट केनाल का तीसरा चरण सहित जोधपुर-बनाड़ की वैकल्पिक सडक़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की घोषणा की गई। ये सभी काम कागजों में आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस बजट में जररूत इनको धरातल पर लाने की है। पिछले बजट की प्रमुख घोषणाएं और उनकी स्थिति।
एलिवेटेड रोड : इसकी डीपीआर बनाने के लिए घोषणा की गई थी। जेडीए ने इसके लिए टैंडर निकाला और संबंधित फर्म काम कर रही है। 9 किलोमीटर लम्बी एलिवेटेड रोड कृषि मंडी सर्किल से आखलिया चौराहे तक प्रस्तावित है।
अब यह उम्मीद : जल्द ही डीपीआर पूरी होगी। इसके बाद बड़े बजट की आवश्यकता है, जिससे धरातल पर काम किया जा सके। इस रोड के पहले चरण के लिए आंशिक बजट सरकार दे या इसे अन्य मोड पर शुरू करने की घोषणा की उम्मीद रहेगी।
लिफ्ट केनाल तीसरा चरण : राजीव गांधी लिफ्ट केनाल के तीसरे चरण की आस जोधपुर सहित पूरे मारवाड़ को है। पिछले बजट में इसकी भी घोषणा की गई। राज्य सरकार ने प्रस्ताव केन्द्र को भेजा। पहले एशियन डवलपमेंट बैंक से लोन लेने के प्रयास किए गए। अब जायका प्रोजेक्ट के जरिये फंड जुटाने के प्रयास हैं।
अब यह उम्मीद : राज्य सरकार इसमें अपना एक अंश देगी तो जायका प्रोजेक्ट या केन्द्र सरकार से राशि मिल सकेगी। इस बजट में यही राशि तीसरे चरण के प्रोजेक्ट में मिलने की उम्मीद रहेगी। जिससे 2104 गांव व 75 लाख की आबादी लाभांवित हो सकेगी।
100 फीट सडक़ : जयपुर रोड पर बढ़ते यातायात दबाव कम करने के लिए सारण नगर से बनाड़ तक वैकल्पिक 100 फीट सडक़ की डीपीआर की घोषणा की गई। इसकी डीपीआर पर जेडीए ने टैंडर प्रक्रिया अपनाई। अब तक यह काम पूरा नहीं हुआ है।
अब यह उम्मीद : डीपीआर के बाद अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण और धरातल पर इसे शुरू करने के लिए बजट की उम्मीद है। पांच किलोमीटर से लम्बी इस सडक़ के बनने से मुख्य हाइवे सडक़ का यातायात भार कम होगा।
765 केवी जीएसएस : राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम को तीसरा 765 केवी जीएसएस बनाने की स्वीकृति पिछले बजट में दी गई थी। यह पश्चिमी राजस्थान में बनने वाली ग्रीन एनर्जी को सेंट्रल ग्रिड तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण है। इसके लिए जमीन कांकाणी 400 केवी जीएसएस के समीप ही निर्धारित की गई है।
अब यह उम्मीद : 400 केवी जीएसएस को अपग्रेड करने के लिए बड़े बजट की जरूरत है। इस बजट में यदि इसके कुछ बजट का कुछ अंश भी दिया जाता है तो धरातल पर काम शुरू हो सकता है।
सोलर प्रोजेक्ट : नई सौर ऊर्जा नीति की घोषणा पिछले बजट में की थी, वह जारी हो गई। राजस्थान पत्रिका के अभियान ‘सौर ऊर्जा से दमके मरुधरा’ की यह जीत थी। लेकिन इसके बाद सरकारी कार्यालयों में नए प्रोजेक्ट के काम शुरू ही नहीं हुए।
अब यह उम्मीद : सबसे पहले सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। इसके साथ ही नए सोलर पार्क को भी अमलीजामा पहनाया जाए। पिछले बजट में विधायकों को सौर ऊर्जा के पक्ष में अभियान शुरू करने को कहा था, इसे भी गति मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
17 Feb 2020 12:44 pm
Published on:
17 Feb 2020 12:44 pm
