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जोधपुर
रिश्वत के आरोपी सहायक निदेशक व कनिष्ठ लिपिक को जेल भेजा
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रिश्वत के आरोपी सहायक निदेशक व कनिष्ठ लिपिक को जेल भेजा

- वाहन लोन स्वीकृत व टांके की किस्त स्वीकरने करने की एवज में 5-5 हजार रिश्वत प्रकरण
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जोधपुर.
बाड़मेर में अलग-अलग जगहों पर पांच-पांच हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोपी सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक व कनिष्ठ लिपिक को अदालत ने शनिवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। आरोपी ग्राम सहायक को कोविड-१९ जांच रिपोर्ट आने तक उदयमंदिर थाने में रखा गया।

एसीबी की बाड़मेर चौकी प्रभारी गोपालसिंह भाटी ने बताया कि वाहन लोन स्वीकृत करने की एवज में ४० हजार रुपए रिश्वत मांगकर सत्यापन में पांच हजार रुपए लेने के बाद शुक्रवार को पुरानी तहसील के पास पांच हजार रुपए और लेते सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मुखराम जाट को पांच हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उसकी कोविड-१९ जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद शनिवार को जोधपुर में एसीबी मामलात की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया।
रिपोर्ट आने तक थाने की हवालात में बंद ग्राम सहायक

एसीबी की जोधपुर शहर चौकी प्रभारी एएसपी नरेन्द्र चौधरी ने बताया कि मनरेगा के तहत स्वीकृत टांके की किस्त जारी करने की एवज में पांच हजार रुपए लेने के आरोपी पाटोदी में सांगरानाडी ग्राम पंचायत के कनिष्ठ लिपिक जबराराम भील को यहां कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए। कोविड-१९ जांच रिपोर्ट न आने के चलते उसे पुलिस स्टेशन उदयमंदिर की हवालात में रखा है।