Winter में हैल्थ के लिए अवेयरनेस बहुत जरूरी

जोधपुर ( jodhpur news. current news ) .सर्दी ( winter ) और मावठ ( rain in winter ) में पर्सनल केयर ( Personal Care ) बहुत जरूरी है। खांसी, जुकाम और बुखार तो आम बात है,लेकिन चिकित्सकों ( health tips health news ) का कहना है कि कड़ाके की सर्दी में गंभीर रोगियों ( Severe Patients ) को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

 

MI Zahir

January, 1509:00 PM

जोधपुर ( jodhpur news. current news ). विन्टर ( winter ) में रेनिंग ( rain in winter ) कई लोगों की हैल्थ के लिए अच्छी नहीं है। कड़ाके की सर्दी में जल्द-जल्द और तेजी से आ रहा यह बदलाव हैल्थ पर भारी पड़ सकता है। डॉक्टर्स ( health tips health news ) का कहना है कि मावठ को हल्के तौर पर नहीं लेना ( Personal Care ) चाहिए। इससे सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार होना तो आम बात है,लेकिन कई दूसरे लोगों के लिए भी 'मावठ' बहुत खतरनाक है। वहीं पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग ( Severe Patients ) विशेष सावधानी बरतें। ये सभी ठंडे पानी और ठंडी चीजों के सेवन से बचें। वहीं गर्म और ऊनी कपड़े पहनने-ओढऩे का ख्याल रखें, वरना तबियत ज्यादा खराब हो सकती है। पत्रिका ने बदलते मौसम में बचाव के उपायों के बारे में महात्मा गांधी अस्पताल के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आलोक गुप्ता ( dr alok gupta ) से बात की तो उन्होंने जोधपुराइट्स की हैल्थ के लिए कई टिप्स बताए :

ये लोग खास तौर पर ध्यान रखें :
-दो साल से छोटे बच्चों और 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं।
-कैंसर, हार्ट, डायबिटीज, साइनस, ब्लड प्रेशर और किडनी के मरीज खास तौर पर ख्याल रखें।
-अस्थमा व सीओपीडी( क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी लंग्स डिसीज) के पेशेंट्स।
-इस सीजन में दमा के मरीजों को अस्थमा का अटैक हो सकता है। इसलिए विशेष सावधानी रखना जरूरी है।

इसलिए होती है परेशानी :
- मावठ से तापमान गिरता है।
- बारिश में नमी ज्यादा होती है।

मेडिकल एडवाइजरी
- सर्दी से बचें और अपना मुंह हमेशा ढंक कर रखें।
- उम्र कोई भी हो शीतलहर से बचें। वरना सेहतमंद लोग बीमार पड़ेंगे और मरीज ज्यादा बीमार हो जाएंगे।
- खानपान में गर्म चीजों का सेवन करें। चाय, कॉफी, तुलसी, अदरक व गर्म सूप का सेवन करें।
- अगर साइनस,जुकाम से सूजन, सिर दर्द और नाक बंद हो या सांस लेने में दिक्कत हो तो गर्म पानी के भपारें लें।
- स्वाइन फ्लू और निमोनिया का टीका जरूर लगवाएं। टीके का एकदम नहीं, दो हफ्ते बाद असर होता है।
-सीओपीडी( क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी लंग्स डिसीज) व अस्थमा के पेशेंट्स बीड़ी सिगरेट व धुएं से दूर रहें, वरना सांस लेने में दिक्कत होगी और फेंफड़े खराब हो सकते हैं।
- दिल के मरीज अलर्ट हो जाएं, सावधानी बरतें, वरना हार्ट अटैक भी हो सकता है।
-गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग भीड़ और घुटन भरे माहौल से बचें।
- ठंड में रात को कहीं आने जाने से बचें। यदि जाना ही पड़े तो हेलमेट एेसा हो कि चेहरे पर चुन्नी, शॉल, स्टॉल, मफलर या मास्क लगा लें।
-रात को सोते समय अपना मुंह जरूर ढंक लें।

M I Zahir Desk
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