
जोधपुर. महात्मा गांधी अस्पताल में ठेका पद्धति पर लगे बाइयों व उनके ठेकेदारों के झगड़े से मरीज व उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। महात्मा गांधी अस्पताल में गत बुधवार व गुरुवार बाइयां हड़ताल पर रही। इस कारण कई मरीजों को उनके परिजन ट्रोली व व्हील चेयर खींच आउटडोर व जांच कराने जाते दिखे।
महात्मा गांधी अस्पताल में वार्डोँ में भर्ती मरीजों को दूसरे विभाग के डॉक्टर व रेजिडेंट देखने नहीं आ रहे हैं या फिर वार्डोँ से ऑनकॉल डॉक्टर नहीं बुलाए जा रहे हैं। इससे मरीज-परिजन परेशान हैं। जबकि वार्डोँ के भर्ती मरीजों को दूसरे विभागों की ओपीडी में दिखाने तक भेजा जा रहा है। भर्ती मरीज को आउटडोर में पहले देखने जैसे भी नियम नहीं है। इस कारण मरीजों की तकलीफ भी बढ़ रही है। इस बारे में सवाल पूछने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने कहा कि अस्पताल में दो कांटेक्ट से बाइयां आती है। इसमें प्रथमा एजेंसी वाली की बाइयां हड़ताल पर थी। ये बाइयां गुरुवार 11 बजे के बाद काम पर लौट आई। हमने 11 बजे कंपनी वाले को पत्र लिख दिया था। उन्होंने कहा कि मरीज को न्यूरो व कार्डियक संबंधित समस्या है तो डॉक्टर वार्ड में आते है। यदि इको आदि टेस्ट हो तो पेशेंट खुद जाते है। अगर आउटडोर में जाकर भर्ती मरीज दिखाने के लिए इंतजार करते हैं तो हिदायत दे देंगे, ताकि मरीज हित में कार्य हो।
Published on:
30 Sept 2021 10:53 pm
