
बैंककर्मी रहे हड़ताल पर, किया प्रदर्शन
जोधपुर।
यूनाइटेड फ ोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफ बीयू) के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में जोधपुर की सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी शामिल हुए और हड़ताल पर रहे। इससे बैंकों में चेक क्लीयरेंस सहित अन्य बैंक सेवाओं पर असर दिखा। यूएफ बीयू के संयोजक आरपी शर्मा के अनुसार बैंकों के शाखा स्तर पर चेक क्लीयरेंस व सरकारी लेनदेन पर असर पड़ा है। हालांकि इस दौरान निजी क्षेत्र के बैंकों में रोजमर्रा की तरह काम हुआ। निजी क्षेत्र के बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं है। शर्मा ने बताया कि जोधपुर में बैंकों की 200 शाखाएं हड़ताल के कारण बंद रही व करीब ढाई हजार कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए । पूरे देश में दस लाख से अधिक कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर रहे। बैंककर्मी मंगलवार को भी हड़ताल पर रहेंगे।
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हड़ताल की वजह
सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की सरकार की घोषणा के खिलाफ यूएफ बीयू ने 15 और 16 मार्च को दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते है
सरकार के इस फैसले के विरोध में मानसिंह कच्छवाहा की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित हुआ कि सरकार की निजीकरण की नीति का विरोध करते है। बैंक आज गांव से ढाणी तक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करते है, सरकार की हर योजना को पूरे समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाते हैं व मुनाफ ा दर्शा रहे है। सरकार ने यदि इस दो दिवसीय हड़ताल के बाद भी निजीकरण के फैसले पर विचार नहीं किया तो बैंककर्मी अनिश्चित हड़ताल पर जा सकते है।
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हड़ताल के एक दिन का असर
- 200 से अधिक शाखाएं रही बंद
- 2500 -3000 से अधिक कर्मचारी-अधिकारी रहे हड़ताल पर
- 10 लाख कर्मचारी-अधिकारी पूरे देश में रहे हड़ताल पर
- 2500 हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित
- 10 हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित पूरे प्रदेश में
Published on:
15 Mar 2021 11:17 pm
