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मासूमों के मददगार बनने आगे आने लगे भामाशाह

इस कोरोना काल में जिन बच्चों के सिर से पालनहार का साया चला गया, जिनके परिवार पर कोरोना काल बनकर टूटा, ऐसे मासूमों की देखभाल और उनका जिम्मा लेने के लिए लोग आगे आने लगे हैं।
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मासूमों के मददगार बनने आगे आने लगे भामाशाह

मासूमों के मददगार बनने आगे आने लगे भामाशाह

जोधपुर।
इस कोरोना काल में जिन बच्चों के सिर से पालनहार का साया चला गया, जिनके परिवार पर कोरोना काल बनकर टूटा, ऐसे मासूमों की देखभाल और उनका जिम्मा लेने के लिए लोग आगे आने लगे हैं।

सोशल वेलफेयर सोसायटी जोधपुर की ओर से इसी दिशा में एक कार्ययोजना बनाई जा रही है। सोसायटी के अध्यक्ष पवन मेहता के अनुसार मंगलवार को हुई बैठक में निर्णय किया गया कि बच्चों के भरण पोषण व उनकी शिक्षा का दायित्व सोसायटी उठाएगी। जिनके घर में कोई कमाने वाला न हो तो उनको तुरंत ही सहायता प्रदान की जा रही है। सोसायटी के सचिव राजेंद्र भण्डारी, उपाध्यक्ष सुबोध मिन्नी, कोषाध्यक्ष महावीर कास्टिया व बहादुर सिंह राठौड़ बैठक में मौजूद रहे।
आयोग अध्यक्ष बेनीवाल से वार्ता

समिति ने बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनिवाल से भी संपर्क किया। राज्य सरकार की योजनाओं के तहत उन्हें मदद दिलवाने की अपील की। साथ ही विभाग के पास अगर कोई हॉस्टल भवन ख़ाली हो तो वह भी उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया गया, ताकि बच्चों की उचित देखभाल हो सके।
भामाशाहों ने दिया सहयोग

समन्वय इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर निर्मल व्यास ने घोषणा की है कि समिति के माध्यम से 10 बच्चों की परवरिश व उनकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च उनकी स्कूल वहन करेगी। साथ ही कई व्यक्तियों ने बच्चों को गोद लेने के लिए भी अपनी स्वीकृति सोसायटी को भेजी है। सोसाइटी ने एक प्रपत्र छपवाया है जो शांति भवन हेरिटेज होटल रेलवे स्टेशन पर हर समय उपलब्ध रहेगा, उसमें पीडि़तों की जानकारी दी जा सकती है।

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