
Bhanwari Devi case
बहुचर्चित एएनएम भंवरीदेवी का अपहरण व हत्या के बाद से लेकर वर्तमान तक उसकी सास पुनीदेवी (75), पुत्र साहिल व दो पुत्रियां अश्विनी तथा सुहानी उर्फ गुनगुन सभी परेशान नजर आ रहे हैं। मां के अपहरण के बाद हत्या, तो पिता को जेल होने के बाद तीनों बच्चे व बूढ़ी मां बहुत ही दुखी हैं।
पुनीदेवी ने बताया कि बहू भंवरीदेवी की मौत के बाद इकलौते पुत्र अमरचन्द के जेल जाने से मेरे बुढ़ापे का सहारा छिन गया। मुझ पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। बहू व बेटे के बिना घर आंगन सूना-सूना ही नजर आता है। सास इस दु:ख के समय भगवान को रोज याद करती हैं। पुनीदेवी बताती हैं कि उसका बेटा अमरचन्द निर्दोष है और वह जेल से जरूर छूट जाएगा।
बेटा साहिल (23) : साहिल बताता है कि उसके मामा सहित आधे दर्जन से भी अधिक गवाह अपनी गवाही से मुकर रहे हैं लेकिन वो और उसका परिवार दोषियों को सजा दिलाने के सभी प्रयास करते रहेंगे तथा जांच एजेंसी सीबीआई का भी साथ देंगे।
नहीं मिला भंवरी का मृत्यु प्रमाण पत्र: पुत्र साहिल बताता है कि उसकी मां की मृत्यु के प्रमाण पत्र को लेकर एडीएम जोधपुर, विकास अधिकारी बिलाड़ा, तहसीलदार पीपाड़ शहर व जिला सांख्यिकी अधिकारी जन्म-मृत्यु जोधपुर से गुहार करने के बाद वतज़्मान तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राशि भी अटकी : अशोक गहलोत ने 16 जनवरी 2012 को भंवरी के बच्चों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलने से फैमिली पेंशन, ग्रेचूटी, जीपीएफ, एसआई, पीएल व एलआईसी की राशि नहीं मिलने से परिजनों को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी की राशि नहीं मिलने से भंवरीदेवी की दो पुत्रियों सहित पूरे परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित है। भंवरी की बड़ी बेटी पुत्री अश्विनी (19) बीकॉम फाईनल ईयर कर रही है जबकि पुत्री सुहानी उर्फ गुनगुन (11) वर्ष कक्षा 6 में पढ़ती है। सुहानी आज भी मम्मी व पापा की याद आने पर रोने लग जाती है। वह त्यौहार पर अपने मम्मी व पापा को बहुत मिस करती है।
Published on:
03 Jun 2017 03:58 pm
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