
कर्ज चुकाने से बचने के लिए की थी पत्नी की हत्या
जोधपुर.
बनाड़ थाना क्षेत्र में गत २७ नवंबर को तडक़े मकान में घुसकर चाकू से गला रेतकर महिला की हत्या और पुत्र व पति को घायल करने की वारदात का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश कर दिया। हमलावर कोई ओर नहीं, बल्कि मृतका पति और भाजपा मण्डल अध्यक्ष का बड़ा भाई गजेंद्रसिंह ही था। गजेंद्र पर करीब ४०-५० लाख रुपए का कर्ज था। इसे चुकाने से बचने के लिए उसने पत्नी व पुत्र की हत्या के बाद आत्महत्या की साजिश रची थी। इसमें संभवत: उसकी पत्नी भी शामिल थी।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि खोखरिया पेट्रोल पंप के पीछे संगम विहार स्थित मकान में गजेंद्र ने ही सब्जी काटने वाले चाकू से पत्नी सूरजकंवर की हत्या की। इसके बाद खुद का गला रेंता, फिर पुत्र कुशालसिंह के गले पर वार किया था। हमले में घायल पुत्र के बयान से पिता की यह साजिश बेपर्दा हो गई। गजेंद्रसिंह अस्पताल में भर्ती है। वहां से छुट्टी मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल वह पुलिस निगरानी में है।
गजेंद्र ने घायलावस्था में ही दूसरे कमरे में सो रहे पुत्र को मारने की दो बार कोशिश की थी। पहली बार बंद लाइट में पुत्र के गले पर चाकू से हल्का वार कर पाया था। दुबारा उसने पुत्र का गला रेंतने की कोशिश की, लेकिन खुद घायल होने के चलते पुत्र के विरोध का सामना नहीं कर पाया और जमीन पर गिर गया था।
घायल पुत्र के स्वास्थ्य में सुधार के बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष भी उसके और गवाह सोहनकंवर, चांदकंवर और हत्या के आरोपी के बड़े भाई जेठूसिंह चौहान के बयान भी दर्ज कराए हैं। सभी ने वारदात में गजेन्द्र की साजिश बताई है।
लूट दर्शाने को पुत्र से सामान बिखरवाया
पत्नी की हत्या के बाद आरोपी ने पुत्र रुपए व आभूषण लूट का दिखावा करने के लिए पुत्र से अलमारियों का सामान घर में बिखरवाया। इसके बाद पुत्र ने पिता के कहे मोबाइल फोन से पहले पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया और फिर पड़ोस में रहने वाले चाचा के घर जाकर वारदात की सूचना दी थी।
मां ने पुत्र से पूछा था, हमें चाहता है या नौकरी?
पुलिस को आशंका है कि साजिश में गजेंद्र की पत्नी सूरजकंवर भी शामिल हो सकती है। उसने २६ नवंबर की छोटे पुत्र कुशाल से पूछा था कि वो माता-पिता को चाहता है या नौकरी? वह कोई जवाब नहीं दे पाया और कमरे में जाकर सो गया। जबकि माता-पिता दूसरे कमरे में सोए थे। हालांकि सारी स्थिति गजेंद्र से पूछताछ के बाद स्पष्ट होगी।
गजेंद्र का बड़ा पुत्र शुरू से ही दादा-दादी के पास रहता था। गजेंद्र ने साजिश से उसे अलग रखा, ताकि घर के तीन सदस्यों की मौत के बाद बड़े पुत्र को कोई नौकरी मिल जाए।
पिस्तौल से करनी थी तीनों हत्याएं, पहली गोली ही फंसी
वारदात के बाद पुलिस को घर से कुछ दूर एक पिस्तौल मिली थी। यह गजेन्द्र के घर की छत से फेंकी प्रतीत हो रही थी। उसमें तीन गोलियां थीं और एक गोली मैग्जीन में फंसी थी। माना जा रहा है कि वह पिस्तौल से साजिश को अंजाम देना चाहता था, लेकिन संभवत: पहली गोली फंस जाने के बाद उसने चाकू का इस्तेमाल किया।
महिला को भगाकर जम्मू-कश्मीर में की थी हत्या
आरोपी गजेन्द्र वर्ष सन् १९९९ में नागौरी गेट की एक गर्भवती महिला को भगा ले गया था। बाद में उसकी जम्मू-कश्मीर में हत्या कर दी थी। दो साल तक वह जेल में बंद रहा। सेशन कोर्ट ने उसे बरी कर दिया, लेकिन मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
Updated on:
05 Dec 2018 12:37 am
Published on:
05 Dec 2018 12:37 am
