
बॉर्डर पर तैनात होंगे बीएसएफ के 10 हजार जवान, पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर नजर के लिए बढ़ाई निगरानी
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. पाकिस्तान के साथ लगातार तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल को 10 अतिरिक्त बटालियन बॉर्डर पर भेजने के निर्देश दिए हैं। एक बटालियन में एक हजार सैनिक होते हैं। ये 10 हजार अतिरिक्त सीमा प्रहरी जम्मू-कश्मीर से गुजरात से सटी अन्तरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात होंगे। इसके अलावा पाकिस्तान से सटी सरहद के कुछ स्थानों पर ड्रोन और अन्य निगरानी उपकरणों के जरिए नजर रखी जा रही है। इनसे मिल रहे फीडबैक के आधार पर भी सीमा प्रबंधन की कवायद शुरू की गई है। सीमा पर तारबंदी पर कई जगह ऑटोमेटिक इलेक्ट्रोनिक डिवाइस लगाए हैं। इनकी मॉनिटरिंग के लिए बॉर्डर के समीप कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद बौखलाई पाक सेना बॉर्डर पर सैनिकों की संख्या बढ़ाने के साथ चरमपंथियों के समूह भी इकठ्ठा कर रही है। पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ और बलूच रेजिमेंट ने आर्मी बेस कैंप के पास बंकर बनाने शुरू कर दिए हैं। जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर आतंकियों को फायरिंग कवर देकर घुसपैठ करवाने की कोशिश में लगी है। भारतीय एजेंसयिों ने पाकिस्तान से लगती सीमा पर करीब एक हजार ‘लूप होल’ चिह्नित किए हैं, जहां से घुसपैठ या तस्करी की आशंका बनी रहती है।
लश्कर ने शुरू किया रिक्रूटमेंट
लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से लगते स्वात वैली, पेशावर, क्वेटा के जनजातीय इलाके में चरमपंथियों की भर्ती शुरू की है। आइएसआइ और चरमपंथी संगठन पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कश्मीरी जिहाद नाम से कंट्रोल रूम स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। चरमपंथी संगठन अपने संसाधन और आतंकियों को अफगानिस्तान के जनजातीय इलाकों से जम्मू कश्मीर में शिफ्ट करने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। लश्कर के मीरपुर और सियालकोट स्थित आंतकवादी कैंप को फिर से सक्रिय किया गया है। लश्कर का ‘सैकंड इन कमांड’ और हाफिज सईद का बेटा तलहा सईद इनका नेतृत्व कर रहा है।
Published on:
05 Nov 2019 10:55 am
