बजट ने रोकी श्रमिकों की राहत

श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में सैकड़ों आवेदन पेंडिंग- श्रम विभाग के चक्कर काट परेशान हो रहे श्रमिक

By: Om Prakash Tailor

Published: 26 Aug 2020, 06:02 PM IST

जोधपुर. श्रमिक वर्ग को राहत देने के लिए सरकार तरह-तरह की कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। श्रमिक के घटना-दुर्घटना में घायल अथवा मौत होने, पुत्री विवाह, छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं से लाभ पहुंचाने का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि श्रम विभाग कार्यालय में पिछले कुछ माह से बजट की कमी के चलते विभिन्न योजनाओं में सैकड़ों आवेदन पेंडिंग चल है। ऐसे में
श्रमिकों को श्रम विभाग कार्यालय के चक्कर काट निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि भवन एवं संनिर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत जिले में पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग के जरिए संचालित होने वाली विभिन्न योजना के तहत लाभान्वित किया जाता है। जिसमें पुत्री-पुत्र जन्म, पुत्री विवाह, श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, श्रमिक की दुर्घटना में घायल होने, मौत होने आदि की स्थिति में श्रम विभाग की ओर से सहायता दी जाती है। लेकिन बजट के चलते पांच हजार से अधिक आवेदन श्रम विभाग में पेंडिंग पड़े है। सबसे ज्यादा शुभ शक्ति योजना में ३७०५ आवेदन लंबित है। स्थिति यह है कि कई योजनाओं में तो नए आवेदन तक नहीं लिए जा रहे है।

- शुभ शक्ति योजना - श्रमिक की पुत्री के विवाह के लिए 55 हजार की सहायता राशि दी जाती है।

-निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना - प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अलट पेंशन योजना के तहत आने वाले अंशदान की आधी राशि का पुनर्भरण मंडल की ओर से किया जाता है।

- निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना - योजना के तहत कक्षा छह से स्नाकोत्तर तक की पढ़ाई करने के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है इसके साथ ही मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार राशि दी जाती है।

-निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना - केन्द्र/राज्य सरकार की अन्य किसी आवास योजना के पात्र हिताधिकारी को डेढ़ लाख रुपए तक का अनुदान तथा स्वयं के भूखण्ड पर आवास का निर्माण करने की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपए निर्माण लागत की सीमा में वास्तविक निर्माण लागत का 25 प्रतिशत तक जो भी कम हो, अनुदान दिया जाता है।

-सिलिकोसिस पीडि़त हिताधिकारियों के लिए सहायता योजना - योजना के हत सिलिकोसिस पीडि़त होने पर एक लाख तथा मृत्यु होने पर तीन लाख रुपए की सहायता राशि मृतक के परिवार को दी जाती है।

-हिताधिकारी की सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की दशा में सहायता योजना - योजना के तहत दुर्घटना में मौत होने पर सहायता राशि दी जाती है।

इन्होंने कहा
बजट के अभाव के चलते आवेदन लंबित चल रहे है। बजट आते ही लंबित आवेदनों का निस्तारण करेंगे।
- जीपी कुकरेती, संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त, श्रम विभाग, जोधपुर

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