
एकाकी परिवारों में बुजुर्गों की देखभाल संवेदनशील मुद्दा-जस्टिस मेहता
जोधपुर. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बुधवार को समारोह पूर्वक वृद्धावस्था देखभाल सहायक सर्टिफिकेट कोर्स (आयुर्वेद) का शुभारंभ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीपति जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि आज के एकाकी परिवारों में वृद्धजनों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल एक संवेदनशील मुद्दा है। इसके समाधान के लिए आयुर्वेद विवि के इस सर्टिफिकेट कोर्स में प्रशिक्षित युवा महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने इस पाठ्यक्रम को समाज सेवा का एक महत्वपूर्ण कार्य बताया।
समारोह में विवि के कुलपति प्रोफेसर अभिमन्यु कुमार ने कहा कि देश में वृद्धजनों की संख्या बढऩे के साथ उनकी जीर्ण व्याधियों में भी बढ़ोतरी होती जा रही है। वृद्धों में उच्च रक्तचाप, डायबिटीज जैसी बीमारियों में समुचित देखभाल के लिए प्रशिक्षणार्थियों की महती आवश्यकता रहती है। कुलसचिव सीमा कविया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ प्रेम प्रकाश व्यास ने किया।
आज से आवेदन, 20 अप्रेल अंतिम तिथि
वृद्धावस्था देखभाल सहायक सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आवेदन गुरुवार से शुरू होंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल रखी गई है। इसके लिए 10वीं पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकता है। छह महीने के इस सर्टिफिकेट कोर्स का सैद्धांतिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण विवि परिसर में ही होगा।
Published on:
11 Mar 2021 07:30 pm
